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N95 Mask की कीमतों में उछाल, 250 % तक बढ़े दाम

पिछले चार महीनों में N‑95 मास्क के दामों में 250% की वृद्धि हुई.

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Covid-19) के कारण बाज़ार में अचानक N‑95 मास्क की मांग बढ़ने के कारण से इसकी कीमतों में लगातार इज़ाफा हो रहा है. पिछले चार महीनों में N‑95 मास्क की कीमत 250 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है.

पिछले चार महीनों में N‑95 मास्क के दामों में हुई 250% की वृद्धि

जानकारी के मुताबिक सितंबर, 2019 में N‑95 मास्क टैक्स सहित 12.25 रुपये में सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदे गए, जनवरी, 2020 में उन्हें 17.33 रुपये, मार्च के अंत तक 42 रुपये और मध्य मई तक 63 रुपये तक खरीदा गया. इस तरह पिछले चार महीनों में N‑95 मास्क के दामों में 250% की वृद्धि हुई. इसके बाद भी मूल्य नियामक एनपीपीए ने N‑95 मास्क की कीमतों को कम करने का फैसला नहीं किया है, क्योंकि यह “घरेलू विनिर्माण को विघटित कर सकता है.”

N‑95 मास्क की कीमतें कम होने के बजाय 3 जून को इसकी कीमत 95 रुपये से 165 रुपये कर दी गई. इस तरह जनवरी की तुलना में इसकी कीमत 450% ‑850% बढ़ गई. एनपीपीए ने दावा किया कि कीमतें 21 मई के बाद “निर्माताओं /आयातकों /आपूर्तिकर्ताओं” को गैर‑सरकारी खरीद के लिए मूल्य में समानता बनाए रखने और उचित मूल्य पर समान उपलब्ध कराने के बाद कीमतों में कमी लाई गई थीं।

दूसरी ओर मास्क मूल्य निर्धारण पर बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं में से एक वॉयस ऑफ टैक्सपेयर्स की अंजलि दमानिया ने कहा है कि जनवरी में 17.33 रुपये में बिकने वाली एनपीपीए कीमत में कमी के रूप में इसे सही ठहराती है और अब यह 165 रुपये में बेचा जा रहा है? यह सादा लूट या मुनाफाखोरी है। यदि यह अस्पतालों और यहां तक कि एयरलाइनों के प्रभार भी ले सकता है, तो वे N‑95 मास्क की बढ़ती कीमत में हस्तक्षेप क्यों नहीं कर सकते हैं.

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