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निशुल्क होला महल्ला देखने चलों नांदेड़

रायपुर. महाराष्ट्र के नांदेड़ में स्थित सिक्ख संत के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी के पवित्र स्थान जिसे सिक्ख पंथ 5 तखत साहिबान में से एक शिरोमणि तखत सचखंड श्री हुजूर साहिब को अबचल नगर कहा जाता है। यह स्थान सिक्खों के लिए विशेष माना जाता हैं। हुजूर साहिब में बहुत ही विशाल एवं भव्य गुरुद्वारा है। जिसमें समय-समय पर बहुत से आयोजन एवं कीर्तन समागम होते रहते हैं, इसमें से एक बहुत ही  भव्य आयोजन होली वाले दिन होता है, जिसे होला महल्ला कहा जाता है. इस आयोजन में देश-विदेश से लाखों सिक्ख श्रद्धालु आते हैं। होला महल्ला में तीन-चार दिनों तक लगातार कार्यक्रमों का आयोजन चलता रहता है. जिसमें होली के एक दिन पूर्व रात्रि को कीर्तन दरबार लगता है. जिसमें सिक्ख पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थे कीर्तन करते हैं, जो देर रात चलता रहता है. उसके दूसरे दिन यानी होली वाले दिन एक विशाल एवं भव्य नगर कीर्तन निकलता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते है। कीर्तन करते हुए रंग गुलाल के माहौल में यह कीर्तन पूरे नगर में भ्रमण करता है। इसमें  अन्य धर्मों के लोग भी शामिल होते हैं। हुजूर साहेब अबचल नगर में होली केवल गुलाल से खेली जाती है। हुजूर साहिब में 24 घंटे लंगर का आयोजन गुरुद्वारा प्रबंधक के द्वारा किया जाता है । इस भव्य आयोजन में शामिल होने छत्तीसगढ़ से भी बहुत से लोग जाते हैं। छत्तीसगढ़ सिक्ख फेडरेशन कई वर्षों से होला महल्ला के विशेष आयोजन में शामिल होने वाली संगत के लिए निशुल्क प्रबंध करता है. इस वर्ष भी हर वर्ष की तरह 11 बसों में 800 यात्रियों को लेकर जाने की व्यवस्था संस्था द्वारा की गई है. होला महल्ला में शामिल होने वाले पूरे प्रदेश से न केवल सिक्ख समाज के अलावा और धर्मों के लोग भी शामिल होते है। संस्था द्वारा 27 फरवरी को स्टेशन रोड गुरुद्वारा से 3 बजे से यह यात्रा प्रारंभ होगी, जो दूसरे दिन 28 फरवरी को हुजूर साहेब नांदेड़ पहुचेगी। वहां रुकने और भोजन की व्यवस्था भी संस्था द्वारा की जाएगी।</>
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