चारागाह विकास के लिए गौठाने में रोपे गए नेपियर घास

पशुओं के लिए साल भर रहेगी चारे की व्यवस्था

सुकमा 30 जूलाई 2021: छत्तीसगढ़ शासन की महात्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी योजना के अंतर्गत जिले के स्वीकृत 80 गौठानों में चारागाह का विकास किया जा रहा है। इस योजना के तहत् पशुधन विकास विभाग द्वारा जिले के तीनों विकासखंडों के गौठान ग्रामों के चारागाह स्थल में पशुओं के लिए पौष्टिक हरा चारा उपलब्ध कराने हेतु हाईब्रिड नेपियर घास का रोपण किया गया है। चारागाह हेतु आरक्षित भूमि को तार से फेंसिंग कर संरक्षित किया गया तथा सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। नेपियर घास से 4-5 वर्षों तक हरा चारा का उत्पादन किया जा सकता है। एक बार घास की कटाई करने के बाद उसकी शाखाएं पुनः फैलने लगती है और 40 दिन बाद कटाई हेतु पुनः तैयार होती है। हाईब्रिड नेपियर घास में क्रुड प्रोटिन 8-10 फीसदी, क्रुड रेशा 30 फीसदी और कैल्सियम 0.5 फीसदी होता है। इसके अलावा 16-20 फीसदी शुष्क पदार्थ, 60 फीसदी पाचन क्षमता और 03 फीसदी औक्सालेट होता है।

133.7 एकड़ भूमि पर रोपे गए नेपियर घास

डॉ एस. जहीरूद्दीन, उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग सुकमा ने बताया कि जिले में 88 गौठान स्वीकृत है जिसमें 80 चारागाह (विकासखण्ड सुकमा 22, छिदगढ 39 एवं काण्ेटा 19) स्वीकृत है। कलेक्टर श्री विनीत नंदनवार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुकमा के निर्देशानुसार गौठान के 133.7 एकड़ भूमि में पशुधन विकास विभाग के अधिकारी/कर्मचारी एवं गौठान प्रबंधन समिति के स्व-सहायता समूह द्वारा हाईब्रिड नेपियर घास का रोपण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। हरा चारा उत्पादन की सत्त निगरानी हेतु विकासखंड स्तर पर विभागीय निरीक्षण दल का गठन भी किया गया है।

स्व-सहायता समूहों को होगी शुद्ध आय

नेपियर घास रोपण कार्य के संबंध में स्व-सहायता समूहों एवं विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही चारागाह विकास कार्य के संचालन का जिम्मा संबंधित गौठान के गौठान प्रबंधन समिति की निगरानी में स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है। इस हेतु स्व-सहायता समिति के सदस्यों को चारे के रख रखाव संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। हरा चारा उत्पादन से होने वाली शुद्ध आय स्व-सहायता समूह के सदस्यों की आय होगी। जिले में चारागाह विकास कार्य का संचालन होने से गौठान के पशुओं को हरा चारा उपलब्ध होगा एवं गौठान प्रबंधन समिति तथा स्व-सहायता समूहों को आय अर्जित करने की सफल योजना है जो कि जिला सुकमा आगामी समय में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिल सकता है।

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