पीएम मोदी आज जाएंगे श्रीनगर, जोजिला सुरंग का करेंगे शिलान्यास

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जम्मू कश्मीर में जोजिला सुरंग का शिलान्यास करेंगे. करीब 6,800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सुरंग एशिया की सबसे लंबी दो तरफा यातायात सुविधा वाली सुरंग होगी. रणनीतिक दृष्टि से यह सुरंग काफी अहम मानी जा रही है.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि इस सुरंग के बनने से श्रीनगर-कारगिल-लेह के बीच सालभर सड़क संपर्क बनाए रखने में मदद मिलेगी. अभी दोनों जगहों के बीच का रास्ता करीब छह महीने बर्फ से ढके रहने के कारण बंद रहता है.

जोजिला दर्रे को पार करने में लगने वाला समय साढ़े तीन घंटे से घटकर सिर्फ 15 मिनट रह जाएगा. इसके अलावा आवागमन सुगम और सुरक्षित बनेगा. प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे में श्रीनगर और जम्मू में रिंगरोड परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे. इस पर 3,884 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.

पीएम मोदी जोजिला सुरंग पर काम आरंभ किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे. यह आयोजन लेह के जीवे-त्साल में होगा. पीएम श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित समारोह में श्रीनगर रिंगरोड का शिलान्यास करेंगे.

सरकार ने जानकारी दी है कि जोजिला सुरंग में सभी अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों और सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा. इसमें ट्रांसवर्स वेंटिलेशल प्रणाली के साथ, अबाधित बिजली आपूर्ति, सुरंग में आपातस्थिति में प्रकाश की सुविधा, सीसीटीवी से रिकॉर्डिंग, अधिक ऊंचाई के वाहनों की पहचान, सुरंग रेडियो प्रणाली, ट्रैफिक जाम से जुड़े उपकरण और विविध प्रकार के संदेश संकेतक लगाए जाएंगे.

इसमें हर 250 मीटर पर पैदल पारपथ, हर 750 मीटर पर वाहन पारपथ और किनारे खड़े होने की सुविधा भी होगी. साथ ही हर 125 मीटर पर इसमें आपात टेलीफोन और अग्निशमन उपकरणों की भी सुविधा होगी.

श्रीनगर रिंगरोड 42.1 किलोमीटर लंबी होगी. यह पश्चिम श्रीनगर में गलंदर को सुम्बल से जोड़ेगी. साथ ही श्रीनगर से कारगिल और लेह के लिए एक नया मार्ग भी उपलब्ध कराएगी जो यात्रा के समय को कम करेगा. इसकी लागत 1,860 करोड़ रुपये होगी.

जम्मू की रिंगरोड 58.25 किलोमीटर लंबी होगी. यह पश्चिमी जम्मू में जगती को रायामोड़ से जोड़ेगी. इसकी लागत 2,023 करोड़ रुपये होगी. इसके रास्ते में आठ बड़े पुल, छह फ्लाईओवर, दो सुरंग और चार डक्ट होंगे.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में रमजान के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सीजफायर को मंजूरी मिलने के बाद पहली बार पीएम मोदी राज्य के दौर पर हैं. केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की अपील पर घोषणा की थी कि रमजान के महीने में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन नहीं चलाया जाएगा. इस फैसले की कई हलकों से आलोचना भी की जा रही है क्योंकि सीजफायर के बावजूद भी आतंकी गतिविधियों में कमी नहीं आई है.

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