जेट एयरवेज के लिए बोली नहीं लगाएंगे नरेश गोयल, क्या बंद होगी एयरलाइन?

नई दिल्ली। जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने नकदी संकट से जूझ रही एयरलाइन में हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए बोली नहीं लगाने का निर्णय किया है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। जेट एयरलाइन वर्तमान में दस से भी कम विमानों के साथ उड़ान सेवाओं का परिचालन कर रही है। वह ऋण समाधान योजना के तहत नये निवेश की प्रतीक्षा में है।

एयरलाइन के सूत्रों ने बताया कि गोयल एयरलाइन की हिस्सेदारी के लिए बोली प्रक्रिया से हट गए हैं। गोयल ने पिछले महीने एयरलाइन के चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया था। सूत्रों ने 12 अप्रैल को जानकारी दी थी कि गोयल ने भी बोली भरी है। इस बीच पंजाब नेशनल बैंक के एमडी और सीईओ सुनील मेहता ने कहा कि सभी कर्जदाता बैंक जेट एयरवेज के रिवाइवल के लिए प्रतिबद्ध है

मेहता ने कहा कि एसबीआई और एसबीआई कैपिटल ने रिवाइवल प्लान बनाने को लेकर काम शुरू कर दिया है। हालांकि, अभी तक रिवाइवल प्लान फाइनल नहीं हो पाया और बातचीत अभी भी जारी है।

जेट एयरवेज को आपातकालीन कर्ज देने के लिए इसके कर्जदाता बैंकों की सोमवार को हुई लंबी बैठक में कोई फैसला नहीं हुआ। इस बीच, जेट एयरवेज के पायलटों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बैंकों से इस एयरलाइन को ध्वस्त होने बचाने की अपील की है।

कर्ज में दबी जेट एयरवेज की विदेशी उड़ानें 18 अप्रैल तक रद्द

जेट एयरवेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे ने आंतरिक नोट में कहा है कि बैंक कंपनी को आपातकालीन कर्ज देने पर फैसला नहीं ले सके हैं और निदेशक मंडल आगे की चर्चा के लिए मंगलवार को बैठक करेंगे। दुबे ने कहा, ”जैसा की आप जानते हैं कि हम अपने परिचालन कार्य के लिए बैंकों से पैसा मांग रहे हैं। अंतरिम कर्ज अभी नहीं मिला है। जिसके चलते हम अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 18 अप्रैल तक बंद रखेंगे।”

दुबे ने मेल में कहा, “ऋणदाताओं के साथ चल रही हमारी बातचीत की मौजूदा स्थिति और उससे जुड़े अन्य मामलों को मंगलवार को निदेशक मंडल के समक्ष रखा जाएगा। जेट एयरवेज के पायलट संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) ने रविवार को हड़ताल के फैसले को टाल दिया था क्योंकि वह एयरलाइन और ऋणदाताओं को बातचीत करने के लिए ज्यादा समय देना चाहते थे।

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