राष्ट्रीय कृषि मेला का आयोजन 23 से 25 फरवरी तक

राष्ट्रीय कृषि मेला में गौ उत्पाद, स्थानीय स्तर पर निर्मित जैम, जैली एवं आचार का किया जाएगा प्रदर्शन व विक्रय

बिलासपुर: राष्ट्रीय कृषि मेला का आयोजन 23 से 25 फरवरी तक रायपुर के फल सब्जी मंडी प्रांगण तुलसी बाराडेरा में आयोजित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशालाओं द्वारा गोबर व गोमूत्र से विभिन्न सामग्रियों को निर्मित कर विक्रय किया जा रहा है, जिस से गौपालक व कृषक आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।

गौशाला द्वारा गोबर से मूर्ति, माला, दिया,गमला जैसी सामग्री का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी बाजार में बहुत मांग है। राष्ट्रीय कृषि मेले में पंचगव्य से निर्मित सामग्री आकर्षण का केंद्र रहेगी।

उल्लेखनीय है कि फिनाइल के इस्तेमाल की जगह अब घर की सफाई गौमूत्र और अन्य गौ उत्पादों से बने गोनाइल से कर सकते हैं।यह गोनाइल आधुनिक तकनीक से रिफाइनरी में एक एंटीवायरल फिनाइल की तरह निर्मित किया जाता है जो कई प्रकार के रोगों व संक्रमण से बचाता है।

गोबर से लकड़ी बनाई जाती है जिसे गौकाष्ठ कहते हैं जो ज्यादा समय तक जलती है। गौकाष्ठ के बाद अब गोबर का गमला काफी लोकप्रिय हो रहा है। गोबर का गमला पौधों के सुरक्षा और विकास के दृष्टिकोण से काफी फायदेमंद है।

गाय के गोबर से दिए भी बनाये जाते हैं। दिए से आने वाली सुगंध न सिर्फ आसपास खुश्बू बिखेरती है, बल्कि इस खुशबू से आसपास को नकारात्मकता भी दूर होती है। कृषि मेले में ये सभी गौ-उत्पाद उपलब्ध रहेंगे।

उद्यानिकी विभाग के द्वारा रायपुर में स्थापित फल परिरक्षण और प्रशिक्षण केंद्र में स्थानीय प्रशिक्षितों द्वारा निर्मित टोमेटो सॉस, मिक्स फूट् ज़म, आंवला मुरब्बा, आंवला कैंडी, आम आचार, नींबू आचार, हरी मिर्च आचार, गाजर आचार, अदरक हरो मिर्च और लहसुन का अचार, इमली चटनी, जिंजर के उत्पाद मेला में उपलब्ध रहेंगे।

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