सिम्स में खुलेगा राष्ट्रीय स्तर का रिसर्च सेंटर

अंकित मिंज

बिलासपुर । सिम्स में राष्ट्रीय स्तर का मेडिकल रिसर्च सेंटर बनेगा। देश के 450 मेडिकल कॉलेजों में 80 का चयन किया गया है। इनमें बिलासपुर भी शामिल है।

सिम्स में यह सेंटर बॉयोकेमेस्ट्री विभाग में स्थापित होगा। सिम्स में मेडिकल रिसर्च डिपार्टमेंट शुरू हो रहा है, यहां माइक्रो बॉयोलॉजी, पैथोलॉजी, बॉयो केमेस्ट्री विभागों के साथ-साथ विभिन्न मेडिकल एवं सर्जिकल विभागों के समन्वय से शोध किया जाएगा।

वर्तमान में मेडिकल कॅालेज के विभिन्न विभाग मरीजों की जांच, परीक्षण, इलाज व नवीन तकनीक का विकास कर रहे हैं पर इनमें समन्वय का अभाव होता है और इससे आंकड़ों का बेहतर प्रस्तुतीकरण नहीं हो पाता।

450 मेडिकल कॉलेजों में 80 शोध पीठ होंगे स्थापि

इसी को ध्यान में रखकर केंद्र की महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत देशभर के 450 मेडिकल कॉलेजों में 80 में ऐसे शोध पीठ या शोध सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, इनमें बिलासपुर का भी मेडिकल कॉलेज शामिल है।

सेंटर में शोध में उपयुक्त होने वाले विभिन्न उपकरण जैसे मिसैलोमीटर, मल्टीपैराएनाइलर, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर क्रोमेटोग्राफी, कलरोमीट्री, लायोफिलाइजर, सेंट्रल वाटर प्लांट, वरटेक्स मिक्सर व पीसीआर एलाइजा स्थापित होगा।

इनके जरिए अस्पताल में आने वाले मरीजों के खून और बाडी फ्लूड कल्चर सेंस्टेविटी और हिस्टो पैथोलॉजी, बॉयोकेमिकल प्रोफाइल, मेटाबोलिक प्रोफाइल का वैज्ञानिक पद्धति से मरीजों के लक्षणों या प्राप्त रिपोर्ट का सांख्यिकीय महत्ता व उपयोग का गंभीर अध्ययन किया जाएगा।

मरीजों के इलाज की गुणवत्ता बढ़ेगी

प्रभारी डीन सिम्स के प्रभारी डीन रमणेश मूर्ति के अनुसार सिम्स में राष्ट्रीय स्तर के रिसर्च सेंटर खुलने से विभिन्न मेडिकल व सर्जिकल विषयों से संबंधित मरीज की जांच व इलाज हो सकेगा।

साथ ही एकीकृत ढंग से शोध व उनके परिणामों से इलाज की नई विधा विकसित की जाएगी, इसमें डाॅक्टरों की सुविधा होगी इसका फायदा सीधे मरीजों को होगा और इलाज की गुणवत्ता बढ़ेगी

advt
Back to top button