छत्तीसगढ़राज्यराष्ट्रीय

महामारी के दौरान हुई मौतों पर शोक जताते हुए राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया गया

हिमांशु सिंह ठाकुर ब्यूरो कवर्धा की रिपोर्ट।

कवर्धा:- 2 महीनों से पूरे देश में लागू किये गए लॉकडाउन ने देश भर के लोगों को खासकर की गरीब, बेघर, हाशिये पर खडे लोगों को एवं प्रवासी मजदूरों को अभूतपूर्भूव संकट में डाला है.

22 मई तक देश में कुल 667 मौतें हुई हैं जिनका कारण कोविड संक्रमण नहीं है बल्कि सड़क दुर्घटना (205 मौतें), भूख और लॉकडाउन (114 मौतें) के चलते हुई पीड़ा है.

इसके अलावा हमे पश्चिम बंगाल में चक्रवात अम्फान द्वारा आई प्राकृतिक आपदा को नहीं भूलना चाहिए, इस तूफ़ान ने लोगों पर दोहरी मार डाली है परन्तु इस पर केंद्रीय सरकार की प्रतिक्रिया बहुत ही निर्दयी है.

ऐसी परिस्थिति में शोक सिर्फ लोगों की मौत एवं उनकी आजीविका और आकांक्षाओं के दमन का नहीं है बल्कि यह एक तरीका है सरकार को आइना दिखाने का, जवाबदेही तय करने का, सवाल पूछने का और लोगों की परेशानियों पर बेरहम प्रतिक्रिया पर जवाब मांगने का .

हम आहवाहन करते हैं की 1 जून 2020 को राष्ट्रीय शोक दिवस के रूप में मनाया जाये. अभी तक हमने ‘थाली बजाओ’, ‘दिया जलाओ’, ‘फूल बरसाओ’ और न जाने कैसे कैसे बिना मतलब के उत्सव एवं समारोह देखे हैं.

घोषणाएं अभी की स्थिति के लिए अपर्याप्त

उस पर सरकार ने राहत कार्य की घोषणा करने में देरी भी की और वह सारी घोषणाएं अभी की स्थिति के लिए अपर्याप्त हैं. पहले तो सरकार ने प्रवासी मजदूरों की परेशानी से मूंह मोड़ा और फिर मजदूरों को उनके राज्य एवं घर पहुंचाने के लिए श्रमिक ट्रेन एवं बस चलाने में काफी देरी की.

दुर्भाग्य से आगे जो कुछ हुआ वह बहुत ही दुखद था,चाहे वह मजदूरों की सड़क एवं ट्रेन से मौत की खबर या फिर श्रमिक ट्रेनों में खाने एवं पीने के पानी की कमी, मजदूरों की परेशानी ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है.

छत्तीसगढ़ में भी भोजन का अधिकार अभियान द्वारा राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया गया राज्य में 6 जिला के 11 ब्लाक में यह दिवस मनाया गया कबीरधाम जिले में भी भोजन का अधिकार अभियान , दिव्यांग जन संगठन, शांति सद्भावना मंच के द्वारा शोक दिवस एंव मृतक प्रवासी मजदूरों को मौन धारण कर श्रधान्जली अर्पित किया गया ,

दौलत राम कश्यप जोनल समन्वयक शांति सद्भावना मंच के द्वारा बताया गया की केंद्र सरकारों और राज्य सरकारों को गरीबों की ओर ध्यान देना चाहिए उन्होंने राष्ट्रीय अभियान एंव मांगों को पूरा करने सरकार से अपील किया है .

निम्न लिखित गतिविधियाँ के द्वारा 1 जून को विरोध प्रदर्शन किया गया छोटे छोटे समूह में , सुरक्षित दूरी का ध्यान रखते हुए 2 मिनिट का मौन रखकर एवं काली पट्टी बाँध कर मृत लोगों को याद किया गया।छोटे -छोटे समूह में एवं सुरक्षित दूरी का ध्यान रखते हुए जिले, ब्लाक, पंचायत, मनरेगा कार्यस्थल एवं राशन दूकान में अपनी मांग ज्ञापन के माध्यम से रखा गया।

मांगे जैसे की :

1) जिन लोगों के पास राशन कार्ड नही है जल्द से जल्द उनका राशन कार्ड बनाया जाए।

2) आंगनवाड़ी एवं मध्यान भोजन के अंतगत मेनू आधारित सूखा राशन के साथ साथ अंडा भी दिया जाए।

3) मनरेगा काम की मांग जहां काम नही शुरू हुआ है एवं कार्यस्थल पे तत्काल कॅश भुकतान |

4) पी.डी.एस में दाल के साथ साथ तेल की मांग ।

5) बाहर से आए श्रमिक को आदेश के हिसाब से राशन की मांग।

6) क्वारंटाइन सेंटर में खाने, पीने, रहने एवं शौच की व्यवस्था ठीक हो |

Tags
Back to top button