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अमरीकी रक्षा मंत्री का भारत दौरा कल, रक्षा संबंधों को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्लीः अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस सोमवार से भारत के दौरे पर हैं। जेम्स मैटिस अपनी भारत यात्रा में भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को अगले स्तर तक ले जाने की कोशिश करेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि भारत में मैटिस की यात्रा के दौरान फाइटर जेट एफ-16, ड्रोन डील के अलावा अफगानिस्तान को लेकर सुरक्षा की साझा चिंताओं का मुद्दा अजेंडे के टॉप में होगा।

सेना और अर्थव्यवस्था, दोनों संदर्भों में एक मजबूत भारत को अमेरिका के राष्ट्रीय हित में मानने वाले मैटिस पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा मैटिस की मुलाकात रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी होगी। यह डॉनल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद होने वाली कैबिनेट-स्तर की पहली भारत यात्रा है।

इस यात्रा की तैयारी की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा का उपयोग भारत-अमेरिका सैन्य संबंधों का दर्जा उन्नत करने में होगा। इसके तहत अफगानिस्तान में बढ़े सामरिक सहयोग प्रदर्शित करने के साथ भारत-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा एवं कानून के शासन को मजबूत करने के लिए नई संस्थागत प्रणालियां विकसित करने पर भी बात होगी।

हालांकि सूत्रों की मानें को मैटिस की 26 और 27 सितंबर की भारत यात्रा के दौरान किसी खास रक्षा व्यापार समझौते की घोषणा नहीं होने जा रही है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत आने वाले एफ-16 और एफ-18ए के दो विशिष्ट प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

इसके अलावा महत्त्वकांक्षी डिफेंस टेक्नॉलजी ऐंड ट्रेड इनिशटिव्ज (डीटीआईआई) परियोजना के तहत नई परियाजनाओं की पहचान करने के प्रयास भी किए जाएंगे। ट्रंप प्रशासन, अमेरिकी कंपनियों बोइंग और लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित क्रमश: एफ-18 और एफ-16 लडाकू विमानों को भारत को बेचना चाहता है। दोनों कंपनियों ने इन विमानों की असेंबलिंग भारत में करने की पेशकश की है।

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