राष्‍ट्रीय औषधि मूल्‍य प्राधिकरण ने ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर पर 70 प्रतिशत तक का व्‍यापार लाभ तय किया

केंद्र सरकार ने रोगियों को राहत देने के लिए ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर पर व्‍यापार लाभ की सीमा तय कर दी है। राष्‍ट्रीय औषधि मूल्‍य प्राधिकरण ने ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर पर 70 प्रतिशत तक का व्‍यापार लाभ तय किया है। संशोधित मूल्‍य 9 जून से लागू हो जाएंगे।

केंद्र सरकार ने रोगियों को राहत देने के लिए ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर पर व्‍यापार लाभ की सीमा तय कर दी है। राष्‍ट्रीय औषधि मूल्‍य प्राधिकरण ने ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर पर 70 प्रतिशत तक का व्‍यापार लाभ तय किया है। संशोधित मूल्‍य 9 जून से लागू हो जाएंगे।

सरकार ने ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर के अधिकतम खुदरा मूल्‍यों में अंतर को देखते हुए यह कदम उठाया है। सरकार को मिली सूचनाओं के अनुसार, मौजूदा समय में ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर के व्‍यापार में वितरक स्‍तर पर मार्जिन एक सौ 98 प्रतिशत तक का है।

राष्‍ट्रीय औषधि मूल्‍य प्राधिकरण ने अपने आदेश में कहा है कि प्रत्‍येक खुदरा व्‍यापारी, डीलर, अस्‍पताल और संस्‍थानों को अपने परिसर में निर्माताओं द्वारा उपलब्‍ध कराई गई
मूल्‍य सूची आम लोगों के लिए लगानी होगी। संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्‍य का अनुपालन नहीं करने वाले निर्माताओं और आयातकों को अतिरिक्‍त ली गई राशि ब्‍याज और जुर्माने के साथ जमा करानी होगी। राज्‍य औषधि नियंत्रक इस आदेश के अनुपालन पर निगरानी रखेंगे।

यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी निर्माता, वितरक या खुदरा व्‍यापारी किसी भी उपभोक्‍ता को ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर की बिक्री संशोधित एमआरपी से अधिक पर न करे। प्राधिकरण ने कहा कि यह आदेश इस वर्ष 30 नवंबर तक लागू रहेगा।

कोविड महामारी की दूसरी लहर में चिकित्‍सा ऑक्‍सीजन की मांग काफी बढ़ गई है। सरकार पर्याप्‍त मात्रा में ऑक्‍सीजन और ऑक्‍सीजन कंसट्रेटर की निर्बाध आपूर्ति बनाये रखने का हरसंभव प्रयास कर रही है।

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