SC: जमानत पर रिहा करने के लिए जरूरी Aadhaar के आदेश में बदलाव किया जाए

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को दस दिनों के भीतर अपने उस आदेश में बदलाव करने के लिए कहा है जिसमें राज्य के सभी ट्रायल कोर्ट से आरोपियों को जमानत पर छोड़ने से पहले उसके आधार की प्रति को स्वीकार करना अनिवार्य कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को दस दिनों के भीतर अपने उस आदेश में बदलाव करने के लिए कहा है जिसमें राज्य के सभी ट्रायल कोर्ट से आरोपियों को जमानत पर छोड़ने से पहले उसके आधार की प्रति को स्वीकार करना अनिवार्य कर दिया गया था।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत बताया।

साथ ही पीठ ने इसे नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। पीठ को जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ बार कौंसिल ने हाईकोर्ट के निर्देश में बदलाव को लेकर याचिका दायर की है। पीठ ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को कानून के तहत 10 दिनों में इस याचिका का निपटारा करने के लिए कहा है।

पांच जनवरी के हाईकोर्ट के आदेश के बाद नक्सल प्रभावित इस राज्य में आधार की अनिवार्यता के कारण जमानत मिलने के बावजूद आरोपी जेल में पड़े थे। आधार के सत्यापन में देरी के कारण ऐसा हो रहा था।

जिसके बाद बिलासपुर जिला जज ने इस परेशानी को लेकर हाईकोर्ट को पत्र भी लिखा था। पत्र में कहा गया कि मामूली अपराध के आरोपी भी जमानत मिलने के बावजूद जेल में पड़े हुए हैं।

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