सुप्रीम कोर्ट ने दिया यूनिटेक के फॉरेंसिक ऑडिट का आदेश

अकाउंटकी छोटी-से-छोटी जानकारी को फॉरेंसिक ऑडिट कहा जाता है

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हजारों खरीदारों को फ्लैट देने में नाकाम रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक लिमिटेड का फॉरेंसिक ऑडिट कराने का आदेश दिया है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को अकाउंटिंग फर्म ग्रांट थॉर्नटन से यूनिटेक और इसकी सभी सहायक कंपनियों का जनवरी 2006 से ऑडिट करने को कहा। अदालत ने ग्रांट थॉर्नटन से 14 दिसंबर तक प्राथमिक रिपोर्ट देने को कहा है। उल्लेखनीय है कि अकाउंट की छोटी-से-छोटी जानकारी को फॉरेंसिक ऑडिट कहा जाता है।

इससे पहले पांच जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस एसएन धींगरा की अध्यक्षता वाले पैनल से यूनिटेक की आगरा और वाराणसी स्थित संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करने को कहा था। जो खरीदार फ्लैट नहीं लेना चाहते हैं, उनके पैसे वापस करने के लिए अदालत ने इसकी श्रीपेरंबुदूर (तमिलनाडु) स्थित संपत्ति नीलाम करने का भी आदेश दिया था।

यूनिटेक की 600 एकड़ से ज्यादा जमीन की नीलामी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यों की एक समिति गठित की है। दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस धींगरा इसके अध्यक्ष हैं। बताते चलें कि गुड़गांव के 158 खरीदारों ने फ्लैट नहीं मिलने पर यूनिटेक के खिलाफ 2015 में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर दिया था। उसी सिलसिले में कंपनी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

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