छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना ने साहित्य आयोजनो के माध्यम से सकारात्मक विचारों से समाज में विश्वास जगाया

राजशेखर नायर

नगरी।कोरोना महामारी में समाज में राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना ने साहित्य आयोजनो के माध्यम से सकारात्मक विचारों से समाज में विश्वास जगाया। इस अवधि में महापुरूषों के जन्म दिवस पर समारोह संगोष्ठी काव्य सम्मेलन के लगभग 60 आयोजन किये जा रहे है।

छत्तीसगढ़ इकाई का बेबीनार कार्यक्रम किया ।जिसका शुभारम्भ सरस्वती वंदना से डॉ. जयभारती चंद्राकर प्रदेश उपाध्यक्ष ने किया। स्वागत भाषण राष्ट्रीय सचिव डॉ. आशीष नायक ने किया। संस्था का परिचय एवं आगामी योजना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. शैलचन्द्रा ने दी।

वेबीनार में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शहाबुद्दीन शेख ने कहा कि संस्थाएं अनेक है परन्तु कोरोना काल में सक्रिय होना है। संगोष्ठी में अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना हमारी शाश्वत संस्था है। प्रदेश बैठक में राष्ट्रीय महासचिव डॉ. प्रभु चौधरी ने त्रैवार्षिक एवं आजीवन सदस्यता पर विचार विमर्श के साथ ही आगामी दिसम्बर में भव्य समारोह होगा।

संस्था की स्मारिका 2020 प्रेरणा प्रकाशन किया जावेगा। नवीन सदस्यता का लक्ष्य लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हंसा शुक्ला ने भी अध्यक्षीय भाषण दिया। काव्य संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. शैलचन्द्रा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने की।

काव्य संगोष्ठी में वरिष्ठ कवयित्री डॉ. सुजाता शुक्ला, अनिता मंदीलवार, डॉ. आशीष नायक, डॉ. हंसा शुक्ला, जितेन्द्र रत्नाकर आदि ने प्रस्तुत की। समारोह में डॉ, शिवा लोहारिया, डॉ. रश्मि चौबे, सीमा निगम, डॉ. भरत शेणकर, अनिल मंदीलकर, रोहिणी डावरे, जितेन्द्र रत्नाकर, चन्द्रकिरण शर्मा आदि भी उपस्थित रहे। बैठक एवं संगोष्ठी का संचालन प्रदेश छत्तीसगढ़ महासचिव डॉ. मुक्ता कौशिक ने एवं आभार डॉ. रिया तिवारी प्रदेशाध्यक्ष महिला इकाई छग

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