छत्तीसगढ़

हमारी प्रकृति पूर्वजों की देन: केदार

संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी
हरियर छत्तीसगढ़ के तहत लामनी में 22 हजार पौधे रोपे गए

–अनुराग शुक्ला 
जगदलपुर.हरियर छत्तीसगढ़ महाअभियान के तहत जगदलपुर विकासखण्ड के ग्राम लामनी में आयोजित वृक्षारोपण महोत्सव में 22 हजार पौधे लगाए गए। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित आदिम जाति कल्याण एवं स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन से संपन्न बस्तर में हम सभी निवास करने वाले सौभाग्यशाली हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर की यह प्राकृतिक धरोहर हमें इसलिए मिली है, क्योंकि हमारे पूर्वजों ने इसका अंधाधुंध दोहन नहीं किया। हमारे लिए इसे सहेजकर रखा। उन्होंने कहा कि हम सभी का भी यह दायित्व है कि हम आने वाली पीढ़ी को यह प्राकृतिक संपदा सौंपे। श्री कश्यप ने कहा कि बस्तरवासियों को मिली शुद्ध हवा और शुद्ध पानी की इस धरोहर को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व समुदाय ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूण से चिंतित है तथा इस चिंता से मुक्ति पाने का एकमात्र उपाय पौधे लगाना और वृ़क्षों की सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को अपने.अपने घरों में कम से कम एक वृ़क्ष अवश्य लगाना चाहिए और बस्तर की सुंदरता को बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।

इस अवसर पर कमिश्नर दिलीप वासनीकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ को हरियर बनाने के लिए पूरे प्रदेश में 8 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में भी दो करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। इस अवसर पर कलेक्टर धनंजय देवांगन ने कहा कि वृक्षों के संरक्षण और संवद्र्धन में जनसहभागिता आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि वृक्ष से ही धरती हरी-भरी और सुंदर रहेगी और पर्यावरण संतुलित रहेगा। उन्होंने कहा कि जगह जगह लगाए जाने वाले पौधों के सुरक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष जबिता मंडावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पदलाम नाग ने भी संबोधित किया। स्वागत उद्बोधन के दौरान वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी एनआार खुंटे ने बताया कि जगदलपुर सामान्य वनमण्डल द्वारा इस वर्ष विभिन्न योजनाओं के तहत् 33 लाख 19 हजार 552 पौधे लगाये जा रहे हैं, जिनमें लगभग डेढ़ लाख पौधों का रोपण शेष है।

मंत्री ने रोपा आम, कमिशनर ने बादाम

लामनी पार्क के सामने लगभग 22 हजार पौधे लगाए गए। इनमें नीम, शीशम, अर्जुन, आम, करंज, बादाम, महोगिनी, बरगद, पीपल, रुद्राक्ष, आदि के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री केदार कश्यप ने मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ किया। उन्होंने यहां फलों का राजा आम के पौधे लगाए। इसके साथ ही कमिश्नर दिलीप वासनीकर ने बादाम, पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा ने आम, कलेक्टर धनंजय देवांगन ने शीशम, वन मंडलाधिकारी अगसिमनि एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रितेश अग्रवाल ने मौलश्री के पौधे लगाए। इस अवर पर स्कूली बच्चों ने भी रौनक बढ़ाई और पौधे रोपे।

पद्मश्री डॉ. रहमत अली लश्कर को सम्मान

बांस की 260 प्रजातियों के साथ-साथ लगभग 1100 प्रकार की दुर्लभ प्रजातियों की पहचानने के कारण लिम्का बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड तथा गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करवा चुके असम के गुवाहटी के पद्मश्री डॉ. रहमत अली लश्कर का इस अवसर पर शॉल और श्रीफल से सम्मान किया गया। श्री लश्कर ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

कमिश्नर कार्यालय में लगाए गए नारियल के पौधे

कमिश्नर कार्यालय में वृक्षारोपण महोत्सव के अवसर पर नारियल के पौधे लगाए गए। कमिश्नर दिलीप वासनीकर, पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा, उद्यानिकी विभाग के उप संचालक एनएस तोमर सहित कार्यालय के कर्मचारियों ने यहां पौधों का रोपण किया।

कलेक्टर कार्यालय में रोपा गया नीम

इस अवसर पर कलेक्टर कार्यालय में पौधरोपण किया गया। कलेक्टर ,धनंजय देवांगन ने यहां नीम के पौधे लगाए। अपर कलेक्टर हीरालाल नायक, अनुविभागीय दण्डाधिकारी एसआर कुर्रे, संयुक्त कलेक्टर राजेश नशीने सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने यहां पौधों का रोपण किया।

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