छत्तीसगढ़

मोटिवेशन गुरु नवलकिशोर राठी का दावा-02 फरवरी 2035 के सूर्योदय से साथ भारत होगा पुनः विश्वगुरु

छत्तीसगढ़ की धरती से हुई शुरुआत, पूरा होगा आइडियल-36गढ़ का ऐतिहासिक एवं बहुआयामी मिशन

रायपुर:

आदि से अनंत तक पृथ्वी के हर कल्प में ऋषि मुनियों के वैज्ञानिक शोद्य का केंद्र रहे दक्षिण कौशल के रूप में विख्यात छत्तीसगढ़ प्रदेश से देश की युवा शक्ति को जगाकर भारत को विश्व गुरु के रूप प्रतिष्ठित करने की शुरुआत हो चुकी है। इसका संकल्प नवल किशोर राठी ने उठाया है।

रायपुर जिला के राजिम, के निकट चंपारण के अखंड भूमंडलाचार्य चक्र चूड़ामणि जगतगुरु श्रीमद वल्लभाचार्य महाप्रभु जी एवं प्रभुचरण श्री गुसांई जी श्रीविट्ठलनाथ जी की प्रेरणा, मार्गदर्शन एवं शुभाशीर्वाद से नवल किशोर ने वर्षों शोद्य के बाद दावा किया है कि 02 फरवरी 2035 के सूर्योदय के साथ भारत पुन: विश्व गुरु और समृद्ध देश के रूप में प्रतिष्ठित होगा।

अपने बहुआयामी शोध में उन्होंने 183 साल पहले ब्रिटिश काल में लार्ड मैकाले के उस दृष्टांत को चुनौती दी है जिस रिपोर्ट में यह कहा गया था कि भारत को कमजोर करने के लिए सबसे पहले उसकी संस्कृति एवं शिक्षा पद्धति को तोड़ना जरूरी है।

राठी ने दावा किया है कि आज भारत की युवा पीढ़ी धीरे- धीरे समझ रही है और भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।

नवल किशोर राठी ने अपने बहुआयामी प्रोजेक्ट आइडियल-36गढ़ (विवेक प्रतिभा एवं आनंद का महासागर/विश्वगुरु भारत निर्माण का प्रवेशद्वार ) में छत्तीसगढ़ वर्सेस जापान की तुलना कर दावा किया है कि भारत की युवा शक्ति जागृत होगी इसी के साथ भारत विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठित होगा।

क्रियेटिव इनोवेशन इंस्पायरिंग एडं साइंटिफिक रिसर्च एवं सिमित संसाधनों के माध्यम से चलाए जा रहे आईडियल-36गढ़ कैंपैन में अब तक कई अनेक उल्लेखनीय रिकॉर्ड अमेरिका से प्रकाशित गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में राठी के नाम दर्ज हैं।

पिछले 18 वर्षों से भारत को विश्वगुरु पद पर प्रतिष्ठित करने के भागीरथी प्रयास में जुटे नवल किशोर राठी ने इसे कई मंचों और कार्यक्रम में जीवंत कर दिखाया है।

छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश के कई स्कूलों और कॉलेजों में 300 से अधिक सेमिनार और वर्कशाप के माध्यम से हजारों छात्र-छात्राओं शिक्षा में उत्साहवर्धन किया है उनका कहना है कि वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से भारत की युवा शक्ति को जागृत किया जा सकता है।

राठी ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ से ही भारत को विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने अपने शोद्य में पाया कि अंक शास्त्र की दृष्टि से 9 अंकों का वैज्ञानिक और पुरावैज्ञानिक महत्व को आज पूरे विश्व में स्वीकारा जा रहा है और 36गढ़ में 3+6 का जोड़ भी 9 ही है, ये अंक छत्तीसगढ़ में ऋषि मुनियों के वैज्ञानिक शोद्य से जुड़ा हुआ है।

राठी ने सिलसिले वार जानकारी देते हुए बताया कि उनके मोटिवेशन के जरिए कैसे उन्होंने रायपुर शहर के गायक हिमांशु पंजाबी को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड तक पहुंचाया।

उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से ही धमतरी स्थित सेंटजेवियर्स स्कूल की प्राचार्या नीता नेताम ने 26 नवम्बर 2014 को लगातार 12.15 तक इंग्लिश ग्रामर पढ़ा कर विश्व रिकार्ड बनाया।

28 नवंबर 2014 को धमतरी में ही विश्व में सर्वप्रथम बार एक अनोखा कीर्तिमान गढ़ा गया, जिसमें सेंटजेवियर्स स्कूल में आयोजित ‘वसुधैव कुटुम्बकम पार्ट-01’ में प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी के छात्र-छात्राओं ने संयुक्त राष्ट्र संघ के 193 देशों के राष्ट्र गान को लगातार 7 घंटे तक गाकर विश्व रिकार्ड बनाया.

इन बच्चों को इस अभियान के दौरान 193 देशों की भौगोलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिदृश्य को समझने का मौका एवं अभूतपूर्व शिक्षा में उत्साहवर्धन का लाभ भी आइडियल-36गढ़ के इस अभूतपूर्व कार्यक्रम में मिला।

इसके अलावा नवल किशोर राठी के मार्गदर्शन कुशल नेतृत्व के द्वारा सुमधुर कंठ की धनी क्षत्रपति शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई की वंशज समर्थ स्वरधारा धमतरी की संचालक व गायिका रागिनी कुटे द्वारा 9 व्यक्ति ने 9 भाषाओं में लगातार 28 घंटे तक भजन संगीत का मैराथन पूरा किया जो विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

राठी ने बताया कि 14 अगस्त 2015 को, भारतीय संस्कृति को शर्मसार करने वाली देश की पूर्व घटना निर्भया हत्याकांड के जवाब में राजधानी रायपुर में ‘खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी’ का सफल आयोजन किया गया।

जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर रोहिणीपुरम, कोटा, माना, रायपुर के 500 से अधिक स्कूली छात्राओं ने झांसी की रानी की वेशभूषा में स्थानीय श्री गोपाल मंदिर सदर बाजार से सिटी कोतवाली, मालवीय रोड से होते हुए जयस्तम्भ चौक तक पथ संचलन किया और नारी शक्ति के जाग उठने का अहसास कराया।

पुरे पथ संचलन के मार्ग पर इन वीरांगनाओं का गुलाब की फूल की पंखुड़ियों को बिखेरकर एवं पुष्प वर्षा से स्वागत किया. ये उनके मार्गदर्शन एवं कुशल नेतृत्व का ही कमाल था जिसमें छात्राओं में केवल जोश ही नहीं भरा बल्कि ये साबित भी कर दिया कि नारी किसी से कमजोर नहीं वो जननी भी हैं और शक्तिस्वरूपा भी।

नक्सली समस्या का भी होगा समाधान

मोटिवेशन गुरु राठी ने दावा किया कि नक्सली समस्या का वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक समाधान निकाला जा सकता है। उनका मानना है कि उनके मार्गदर्शन के जरिए हदय परिवर्तन से नक्सली विचारधारा को दूर किया जा सकता है।

उनका कहना है कि प्रदेश एवं भारत सरकार चाहे तो वे अपने प्रयासों से इसे कर दिखाएंगे। उन्होंने दावा किया कि समाज में अंदर तक घुस चुकी नशा की प्रवृति, भ्रष्टाचार और तमाम कमजोरियों को भी उनके मार्गदर्शन से दूर किया जा सकता है।

उन्हें सरकार या संस्था से उचित सहयोग मिलने पर यह अभियान तीव्रगति से उपरोक्त समय सीमा में पूरा हो सकता है अभी तक राठी ने तन, मन और धन बहुत कुछ इस अभियान में लगाया है.

भारत को आपसी भाईचारे के साथ फिर से विश्वगुरु बनाना यही उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य है। युवा शक्ति को जगाने में उनकी सहभागिता से ही इन तमाम समस्याओं का हल निकाला जा सकता है।

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