PoK प्रेसिडेंट के बगल में बैठे विवादों में घिर सकते हैं नवजोत सिंह सिद्धू

भारत नहीं मानता पीओके को पाकिस्तान का हिस्सा

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पूर्व क्रिकेटर इमरान खान के शपथ ग्रहण में पंजाब के कांग्रेस नेता पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को विवादों का सामना करना पड़ सकता है.

दरअसल, इमरान खान के शपथ समारोह में नवजोत सिंह सिद्धू पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के राष्ट्रपति मसूद खान के बगल में बैठे थे।

अब सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान ने ऐसा जानबूझकर किया है। भारत पीओके को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं मानता है। भारत में इसे लेकर आपत्ति जताई जा सकती है।

इमरान खान ने पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर और कपिल देव को भी न्योता भेजा था, लेकिन उन्होंने शामिल होने से इनकार कर दिया, जबकि सिद्धू शुरू से ही पाकिस्तान जाने को लेकर उत्साहित थे।

सिद्धू वाघा बॉर्डर के जरिए लाहौर पहुंचे, जहां से वह इस्लामाबाद आए। समारोह में सिद्धू पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से भी गर्मजोशी से मिले। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया।

इस पर जम्मू-कश्मीर कांग्रेस चीफ गुलाम अहमद मीर ने कहा, ‘वह जिम्मेदार व्यक्ति और एक मंत्री हैं। केवल वही इसका जवाब दे सकते हैं, लेकिन हां वह इससे बच सकते थे।’

सिद्धू ने पाकिस्तान के लोकतंत्र में चुनाव के बाद आए बदलाव का स्वागत करते हुए कहा कि इमरान को दोनों देशों के बीच अमन की बहाली की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह भारत के सद्भावना दूत के रूप में मोहब्बत का पैगाम लेकर पाकिस्तान आए हैं।

उन्होंने कहा कि मैं यहां राजनेता के रूप में नहीं बल्कि दोस्त के रूप में आया हूं। मैं यहां अपने दोस्त (इमरान) की खुशी में शरीक होने आया हूं। हिन्दुस्तान जीवे, पाकिस्तान जीवे।

सिद्धू ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी दोनों देशों के बीच अमन की बात करते थे। उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी के घर में आग लगी हो तो आंच हम पर भी आएगी।

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