नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने बयान पर दी सफाई, और पूछा- कंधार में किसने छोड़ा था आतंकियों को

नई दिल्ली। पुलवामा आतंकी हमले के बाद दिए बयानों के चलते पंजाब के मंत्री और कांग्रेस वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू का देश भर में विरोध हो रहा है। इस विरोध के बीच सोमवार (18 फरवरी 2019) को सिद्धू ने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि हमारी पार्टी का एक स्टैंड है, उस स्टैंड के साथ मैं अटल खड़ा हूं, आतंकवाद के साथ कोई समझौता नहीं, आतंकवाद को कुचलना चाहिए, उससे ज्यादा आतंकवाद के घिनौने मनसूबों को कुचलना ज्यादा जरूरी है।

क्या आज कोई चाहता है कि आतंकवाद के आगे घुटने टेक दिए जाएं। आतंकवाद इस देश को खेरू-खेरू बिखेड़ दे। देश का विकास थम जाए। देश का अमन अमान पूरी तरह से बिगड़ जाए। यही आतंकवादी चाहता है। जिन्होंने ये घिनौना अपराध किया था। उसे घसीट के लाना चाहिए। और ऐसी सजा देनी चाहिए। पीढ़ी दर पीढ़ी याद करे।

उन्होंने कहा कि उसे ऐसी घिनौनी सजा देनी चाहिए। जिसने इसकी जवाबदेही ली। वे मानते हैं कि उन्होंने ये किया। 1999 में कंधार में उनकी बेड़ियां किसने खोली थीं। उन्हें किसने रिहा किया था। ये मैं पूछना चाहता हूं। वह किसकी जवाबदेही है। हमारी लड़ाई उनके साथ है। क्यों फौजी मरे। क्यों जवान मरे। क्यों बाप के कंधे के ऊपर बेटे का जनाजा। स्थाई सामाधान क्यों न हो। 1700 घटनाएं क्यों हुए। इनके साथ हम सबकी जंग है। मेरी भी है। आतंकवादियों से लड़िए। किसी गुरु के शिष्य की गंज पांच साल और दो साल के बच्चे, मजलूम, महिला, बुजुर्ग के साथ नहीं हो सकती।

क्या किसी गर्भवती महिला के पेट में पलता हुआ बच्चा किसी का दुश्मन हो सकता है। आप इन आतंकवादियों से लड़ाई लड़िए। उनके पनाहगारों से लड़ाई लड़िए। उनके पनाहगारों को लिखिए। मैं अलट खड़ा हूं। आज भी जो मेरा स्टैंड है उसे कोई झुका नहीं सकता लेकिन उसको लाओ जिसने ये किया था। जिसने जवाबदेही ली। 1999 में कंधार जब हुआ था। उसे किसने छोड़ा था। आतंकवाद की कोई जात नहीं, कोई कम्यूनिटी नहीं, कोई कौम नहीं, इसलिए नवजोत सिंह सिद्धू अपने स्टैंट पर खड़ा है। अडिग है।

इससे पहले विपक्षी शिरोमणि अकाली दल ने सोमवार को पुलवामा हमले के बाद दिए बयानों के चलते पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को बर्खास्त करने की मांग की है। वहीं अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू के बीच इस मुद्दे पर कहासुनी भी हुई। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले मजीठिया के नेतृत्व में अकाली दल के नेताओं ने उन तस्वीरों को जलाया जिनमें सिद्धू पाकिस्तान सेना प्रमुख से गले मिलते नजर आ रहे थे।

सिद्धू पिछले साल 18 अगस्त को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने पाकिस्तान गए थे। सदन के बाहर मजीठिया ने पत्रकारों से कहा, ‘किसी भी चीज से पहले हम कांग्रेस और पंजाब सरकार का स्पष्ट रुख जानना चाहते हैं। क्या वे पाकिस्तानी सेना के प्रमुख और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की निंदा करते हैं?’

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