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नेवी वॉररूम लीक – सेवानिवृत्त कैप्टन सलाम सिंह राठौर कारावास की सजा

नई दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2006 के नेवी वॉर रूम लीक मामले से जुड़े एक प्रकरण में सेवानिवृत्त कैप्टन सलाम सिंह राठौर को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि राठौर ने इस अपराध को राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अंजाम दिया है। विशेष सीबीआई न्यायाधीश एस के अग्रवाल ने सरकारी गोपनीयता कानून के तहत राठौर को जासूसी करने का अपराधी मानते हुए कारावास की सजा सुनाई।

न्यायाधीश ने 1923 के सरकारी गोपनीयता कानून की धारा 3(1) सी के तहत आरोपी को दोषी करार दिया जबकि एक अन्य आरोपी कमांडर (सेवानिवृत्त) जरनैल सिंह कालरा को मामले से बरी कर दिया। अदालत ने सजा सुनाते वक्त अभियोजन पक्ष के इस तर्क पर गौर किया कि राठौर के कब्जे से ऐसे कई गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए हैं जिनका उनके पास होने का कोई कारण नहीं है।

बता दें कि 2005 में नेवी वॉर रूम और एयर डिफेंस क्वॉर्टर से सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और गोपनीय सूचनाएं राठौड़ ने किसी अनजान शख्स को दी थी। किसी अनाधिकृत व्यक्ति को ये सूचनाएं देने के बदले में राठौड़ को पैसे मिले थे। ऑफिशल सीक्रेट ऐक्ट के तहत दोषी मानते हुए उसे सात साल की सजा कोर्ट ने सुनाई है।

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