नवाज शरीफ की पत्नी लंदन के अस्पताल में थीं भर्ती, तभी उनके चुनाव जीतने की आई खबर

लाहौर: पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बीमार पत्नी ने महत्वपूर्ण लाहौर उपचुनाव में जीत दर्ज की है.

पनामा पेपर घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ को पद के अयोग्य करार दे दिया था, जिसके बाद हुआ यह चुनाव परिवार के लिए जनता के समर्थन का परीक्षण था.

बेगम कुलसुम एनए-120 सीट से जीती हैं. कुलसुम को क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की उम्मीदवार यास्मीन राशिद से कड़ी टक्कर मिली.

इस सीट को शरीफ परिवार का गढ़ माना जाता है. 28 जुलाई को शीर्ष अदालत की ओर से शरीफ को पद के अयोग्य घोषित किए जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी.

चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि कुलसुम को 59,413 मत मिले. उन्होंने राशिद को 13,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया.

कुलसुम का लंदन में कैंसर का उपचार चल रहा है और उनकी गैर मौजूदगी में उनकी बेटी मरियम नवाज ने अपनी मां के चुनाव अभियान को संभाला था.

नवाज शरीफ के खिलाफ इस फैसले को न्यायिक तख्तापलट बताया जा रहा था. लाहौर की NA-120 सीट पर जीत के बाद नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने समर्थकों को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि जनता की कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया है. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट का फैसला कुछ भी हो,

लेकिन नवाज शरीफ आज भी जनता के प्रधानमंत्री हैं और आगे भी रहेंगे. जनता ने उस फैसले पर फैसला दिया है, जिसके जरिए नवाज शरीफ को पद से हटा दिया गया था.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से नवाज शरीफ के खिलाफ फैसला सुनाया.

इसके साथ ही समर्थक और पाकिस्तान के वित्त मंत्री इसहाक डार ने इस्तीफा दे दिया. कोर्ट ने नवाज के खिलाफ केस दर्ज करने का भी आदेश दिया है.

हालांकि शरीफ के साथियों ने आरोप लगाया है कि यह उन्हें पद से हटाने की साजिश है.

निर्णय के बाद रेलमंत्री ख्वाजा साद रफीक ने ट्वीट किया है कि यह जवाबदेही नहीं बल्कि बदला है. हमें बेदखल करने की कोशिश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को लक्ष्य बनाया गया है.

 

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