कही लोकसभा चुनाव की सांठगांठ के तहत नक्सली को छोड़ा तो नही गया – भाजपा

रायपुर : नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या के षड्यंत्र में शामिल लोगों के संपर्क में रहे माओवादी नेशनल को-ऑर्डिनेटर नक्का राव उर्फ मूर्ति को मिली जमानत को लेकर प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा है। श्री कौशिक ने पूछा कि कहीं अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर किसी सांठगांठ के चलते तो मूर्ति की जमानत का रास्ता तो आसान नहीं किया गया?

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि 24 दिसंबर को गिरफ्तार नक्का राव के मामले में पुलिस ने चालान पेश करने में उदासीनता का परिचय दिया जिसके चलते विशेष न्यायालय ने गिरफ्तार माओवादी को जमानत दे दी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मसला था और पुलिस ने नक्का राव को नक्सली बताते हुए उससे नक्सली साहित्य समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्रियों की बरामदगी का दावा किया था। पुलिस प्रधानमंत्री की हत्या के षड्यंत्र में शामिल लोगों के संपर्क में रहने वाले माओवादी के खिलाफ निर्धारित समय में चालान पेश नहीं कर पाई और नतीजतन माओवादी मूर्ति को जमानत मिल गई।

कौशिक ने जानना चाहा कि क्या इसमें प्रदेश सरकार की मिलीभगत है ? उन्होंने कहा कि कांग्रेस और नक्सली सांठगांठ के चलते ही तो पुलिस ने चालान पेश करने में कहीं देर नहीं कर दी? कांग्रेस के नक्सलियों के साथ रिश्तों से देश वाकिफ है। झारखंड में ज्यां द्रेज की गिरफ्तारी पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को तकलीफ होना भी इस रिश्ते की तस्दीक कर रहा है। इसलिए संभव है कि आगामी लोकसभा चुनाव में नक्सलियों का साथ पाने की गरज से प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस ने उक्त माओवादी के खिलाफ चालान पेश नहीं करके मूर्ति की रिहाई का रास्ता साफ किया हो। कांग्रेस सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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