नक्सली प्रवक्ता ने प्रेस नोट जारी कर अमित शाह से कहा….

किस किस से बदला लेंगे? 28 नक्सलियों की मौत की बात कबूली

दोरनापाल: बीजापुर हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जगदलपुर और ​बीजापुर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही बासागुड़ा सीआरपीएफ कैंप पहुंचकर जवानों से मुलाकात की। साथ ही नक्सल मुद्दे पर हाई लेवल मीटिंग के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने मीडिया से चर्चा की। अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक ले जाएंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर नक्सल संगठन ने अमित शाह के बस्तर से रवाना होते ही प्रेस नोट जारी किया है।

नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय द्वारा जारी प्रेस नोट में आरोप लगाते हुए लिखा गया है कि अमित शाह देश के गृहमंत्री होने के बावजूद बीजापुर की तर्रेम घटना पर बदला लेने की असंवैधानिक बात कर रहे हैं। नक्सली संठगन ने अमित शाह के नक्सलियों के खात्मे की बात का खंडन करते हुए इसे उनकी बौखलाहट करार दिया है। नक्सल प्रवक्ता ने सवाल किया है कि अमित शाह किस किस से बदला लेंगे? आगे लिखा है कि शोषित जनता और नक्सली अलग नहीं है और दिन ब दिन जनता क्रांति के चेतना प्राप्त कर पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ विभिन्न रूपों में संघर्ष कर रही है। नक्सल प्रवक्ता ने कहा है कि अमित शाह बदला लेने की छोड़ दिल्ली में घेरे बैठे किसानो किसानों की समस्या का देशभर की जनता को समाधान बताना है।

नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी कर टीसीओसी के दौरान हुए नुकसान एवं सफलता का दावा किया है। नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने कहा है कि जनवरी से तीन अप्रैल तक माओवादी पार्टी के उन्मूलन के लक्ष्य से प्रस्तुत दमनकारी योजना समाधान के अंतर्गत जारी प्रहार अन्य निर्णायक ऑपरेशनों के जवाबी प्रतिरोध में देश की लूट का विरोध करते हुए झारखंड 7, ओड़िसा से 1, दण्डकारण्य से 17, तेलंगाना से 1, मध्यप्रदेश से 2 इसी तरह 28 माओवादियों की मौत हूई है। वहीं, नक्सली प्रवक्ता ने घायल हुए अपने साथियों के जल्द स्वस्थ होने की बात भी कही है। आगे नक्सल प्रवक्ता ने दावा है कि इस दौरान सुरक्षाबलों के 100 के करीब जवान या घायल हुए या शहीद हुए हैं। पश्चिम सिंहभूम बोकारो, लोहरदग्गा, बीजापुर, नारायणपुर, गड़चिरौली, मलकानगिरी और कांकेर के आंकड़े दिए गए हैं। इसमें केंद्र के बल सीआरपीएफ, कोबरा, आईटीबीपी, बीएसएफ, बस्तर बटालियन और राज्यों के बल एसओजी डीवीएफ झारखंड जगवार डीआरजी सीएएफ सी-60 सामिल हैं। इन मौतों के लिए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ साथ नॉर्थ ब्लॉक को जिम्मेदार ठहराया है।

बीजापुर के तर्रेम में हुए हमलों में जप्त किए गए हथियारों व लड़ाई के लिए अभिवादन भी पेश किया है। किसानों से लेकर देश में चल रहे तमाम जनसंघर्षों को उंचा उठाते हुए सरकार के दमन का खंडन करते हुए नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी द्वारा 26 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया था। सरकार कोरोना महामारी में जनता को बचाने की न सोंचते हुए नक्सलियों का भूत खड़ा करने का आरोप लगाया गया है, जिससे खुले रूप से साबित होना बताया गया की जनता का न सोंचते हुए सरकार को सत्ता का फिक्र है।

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