छत्तीसगढ़

सूचनाओं को रोकने नक्सली छीन रहे मोबाइल, मारपीट से दहशत में ग्रामीण

जगदलपुर।

नक्सलियों ने सूचनाओं को रोकने के लिए अब नया तरीका अपनाया है। क्षेत्र की सूचना कोई बाहर भेज न सके इसके लिए अब नक्सली ग्रामीणों से मोबाइल छीनने लगे है। उनकी इस करतूत का यदि कोई ग्रामीण विरोध करता है तो उसे मारा-पीटा भी जाता है।दहशत के चलते ग्रामीण थाने तक शिकायत नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसा करना मतलब मौत को बुलावा देना है। इस इलाके में प्रशासन के लिए भी सरकारी मोबाइल बांटना चुनौती बन गई है।

जानकारी के अनुसार इंद्रावती नदी के उत्तरी तट पर चित्रकोट जलप्रपात के तराई वाले क्षेत्र से लेकर भैरमगढ़ तक के करीब 50 गांवों में ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। डर का माहौल ऐसा है कि संचार क्रांति योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा बांटे जा रहे स्मार्ट फोन को लेने से भी मना कर रहे हैं।

ग्राम एरपुंड, हर्राकोडेर, पिच्चीकोडेर, कोड़ेनार, अमलीधार, बोदेली, पावेल, तुमड़ीवाल, टेटम, हितामेटा, कूथर, तुमसकोंटा, सालेपाल, कहचेनार, मालेवाही आदि गावों से नक्सली अब तक करीब तीन हजार मोबाइल छीन चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नक्सली अचानक घरों में आते हैं। और चार्जर मोबाइल खोजते हैं,जो चुपचाप मोबाइल दे देते हैं, उन्हें दोबारा मोबाइल ना रखने की हिदायत देते हैं, लेकिन जो मोबाइल नहीं होने की बात कहते हैं, यह मेरा नहीं है कहकर देने से बचने का प्रयास करते हैं, नक्सली उनके साथ मारपीट भी करते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि नदी के दूसरे ओर नक्सलियों के चलते ही बहुत से ग्रामीण अपना मोबाइल नदी के दूसरे हिस्से के गांवों बारसूर, मुचनार, छिंदनार, तुमनार, नेलसनार आदि में रहने वाले रिश्तेदारों या परिचितों के घर छोड़ आए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नक्सली नहीं चाहते कि नदी पार की कोई भी खबर बाहर जाए। ग्रामीणों ने बताया कि मोबाइल छीनने की घटना की जानकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को भी है, लेकिन वे चुप्पी साधे हुए हैं।

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