बच्चों को घातक बम बनाना सिखा रहे नक्सली

जगदलपुर: बस्तर में लाल आतंक का पर्याय बन चुके माओवादी लगातार अपनी रणनीतियों में तब्दीलियां लाते रहते हैं। अब माओवादी अपनी एक विशेष रणनीति के तहत बस्तर के भोले-भाले आदिवासी बच्चे व युवकों को बम बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। माओवादियों के कुछ दस्तावेजों ने इसकी पुष्टि की है जिसमें माओवादी 22 तरह के बम बनाने की ड्रॉइंग बना रखे हैं।
बीजापुर एएसपी मोहित गर्ग ने कहा कि इंटेलीजेंस एजेंसियों के माध्यम से मुझे इस बात की खबर लगी है कि माओवादी बच्चों को बम बनाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। एएसपी मोहित गर्ग ने कहा कि, अंदरूनी इलाके के युवकों को जागरूक करने और उन्हें मुख्यधारा से जोडने पुलिस रणनीति के तहत काम करेगी। उन्होंने कहा कि ड्राइंग में दिए गए इन बमों को बनाने की तकनीक भी बड़ी ही आसान और सरल है। बम बनाने के लिए जो उपकरण का इस्तेमाल होते हैं, वो भी बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

 बम बनाने की जानकारी लिखी है गोंडी भाषा में :
दरअसल जो दस्तावेज सुरक्षा एजेंसी के हाथ लगे हैं, उनके पन्ने साधारण हैं लेकिन उसमें लिखी बातें विचलित कर देने वाली हैं । एजेंसी के हाथ लगे दस्तावेज में बम बनाने का विवरण लिखा है, जिसे गोंडी भाषा में लिखा गया है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजिसेयों के कान खड़े हो गए हैं। अब पुलिस अधिकारी माओवादियों की इस रणनीति को विफल करने नई रणनीति बनाने की कोशिश में हैं।

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