अर्जुन बनकर गीता के संदेश को आत्मसात करने की जरूरत : ब्रह्माकुमारी सविता दीदी

रायपुर।

श्रीकृष्ण जयन्ती पर यही ईश्वरीय संदेश है कि श्रीकृष्ण के दैवी गुणों और विशेषताओं को जीवन में उतारने का प्रयास किया जावे। गीता में बतलाए अनुसार अपने अन्दर छिपे हुए शत्रुओं काम, क्रोधादि विकारों का नाश करने से ही छोटी-मोटी बातों के लिए जो घर-घर में महाभारत चल रहा है, उसे समाप्त कर सकेंगे।

यह विचार ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा विश्व शान्ति भवन चौबे कालोनी रायपुर में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में व्यक्त किए। ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने आगे कहा कि विज्ञान के इस युग में श्रीकृष्ण की जयन्ती मना लेना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनके द्वारा किए गए महान कार्यों के बारे में गहन चिन्तन कर उसे जीवन में उतारने की जरूरत है।

उन्होंने बतलाया कि अर्जुन का अर्र्थ होता है ज्ञान अर्जन करने वाला। श्रीकृष्ण जयन्ती और गीता की सार्थकता इसी में है कि हरेक मनुष्य अर्जुन बने और गीता का अच्छी तरह से विवेचन कर उसे आत्मसात करने का प्रयास करे।
कोई भी मनुष्य किसी का शत्रु नहीं होता है। इसका स्पष्ट उल्लेख भगवतगीता में मिलता है जिसमें लिखा है कि हे अर्जुन मनुष्य के अन्दर व्याप्त काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार ही उसके शत्रु हैं। जब हम इन विकारों पर विजय प्राप्त कर लेंगे तभी हम सुख और शान्ति से रह सकेंगे।

उन्होंने कहा कि गीता के माध्यम से समाज को यह सन्देश दिया गया है कि परमात्मा के साथ प्रीत बुद्घि होकर रहो क्योंकि इससे ही परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने में परमात्मा की मदद मिल सकेगी। काम, क्रोधादि विकार मनुष्य को हैवान बना देते हैं।

समाज में जो हिंसा, अत्याचार, लूटपाट और भ्रष्टाचार आदि की घटनाएं घटित हो रही हैं, उसके पीछे इन्हीं मनोविकारों की प्रमुख भूमिका होती है। इन विकारों पर जीत प्राप्त करने के लिए मन की शुद्घता जरूरी है। राजयोग मेडिटेशन से इसमें बहुत मदद मिलती है। राजयोग के द्वारा मनोविकारों पर सहज ही विजय प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यकम के प्रारम्भ में इस परमात्मा को भोग लगाया गया। कार्यक्रम में बहुत बड़ी संख्या में श्रद्घालुगण उपस्थित थे। इस दौरान श्रीकृष्ण की आकर्षक झाँकी का अनावरण भी किया गया। बाद में कु. सुमी, कु. तमन्ना कु. उन्नति, कु. श्रद्घा, कु. परी और समृद्घि ने श्री कृष्ण से सम्बन्धित गीतों पर सुन्दर नृत्य प्रस्तुत कर सबको भाव विभोर कर दिया।

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