क्राइमछत्तीसगढ़

झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इलाज में लापरवाही, पैसे के कारण रुका लड़की का इलाज

मस्तूरी: मल्हार नगर पंचायत में झोलाछाप डॉक्टर प्यारेलाल गन्धर्व के द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने का सामने आया है. दरअसल ग्राम बूढ़ीखार की धारमिन केंवट (19 वर्ष) को कुछ दिनों पहले ही तबियत खराब और कमजोरी महसूस हुई.

वह झोलाझाप डॉक्टर से इंजेक्शन लगवाई और तीन दिन बाद कमर के निचले हिस्से से मवाद निकलने लगा. आनन-फानन में झोलाझाप डॉक्टर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कर छोड़ दिया. अब यह गरीब परिवार के पास इलाज कराने के लिए पैसे नहीं है.

जमीन बेचकर 90 हजार रुपये जमा किया, लेकिन पैसे की कमी के कारण चार दिनों से इलाज बन्द हैं. इस युवती के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया. इधर, प्यारे लाल गन्धर्व इलाज कराने के नाम पर पीड़ित परिजनों को टालमटोल कर रहा है और इलाज करवाने में कोताही बरत रहे हैं.

पीड़िता के पिता अंतु राम केवट ने जानकारी दी हैं कि उनकी बेटी की तबियत बिगड़ने पर प्यारेलाल लाल गन्धर्व ने इलाज करवाने के लिए बिलासपुर के निजी अस्पताल महादेवा में भर्ती कर दिया और किसी को बताने से भी मन कर दिया. इलाज का खर्च उठाने की बात कही और खर्च भी नहीं दे रहा. इधर, चार दिनों से पैसे के अभाव में इलाज बन्द हो गया है.

प्यारेलाल गन्धर्व का कहना है कि मेरे द्वारा इलाज करवाया जा रहा हैं. मैं धीरे धीरे पैसा जमा करूँगा. मेरे पास अभी पैसा नहीं है. मुझसे गलती हुआ है. मैं इलाज में मदद करने की बात कही है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ध्यान नही देते

झोलाछाप डॉक्टर क्लीनिक चला रहे हैं. उन्हें पता है कि विभाग कभी छापेमारी करने नहीं आएगा चूंकि विभागीय अधिकारियों के साथ उनकी सांठ-गांठ रहती है. किसी शिकायत पर अगर छापेमारी हो भी जाती है तो इसकी जानकारी इन्हें पहले ही मिल जाती है.

इतना ही नहीं इलाज के बाद खुद मेडिकल भी रखे हैं और मरीजों को इलाज के बाद दवाई भी दिया जाता. यह दवाई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झोलाझाप डॉक्टरों को एमआर गांव में जाकर उपलब्ध कराते हैं यही नहीं इसके पास दवाइयों को भी आसानी से लिया जा सकता है जिन पर बैन है.

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