छत्तीसगढ़

नेताम ने हाईकोर्ट में खाई थी कसम, जोगी आदिवासी हैं: सुब्रत डे

रायपुर: अजीत जोगी पर जातिगत आरोप लगाने वाले संत कुमार नेताम ने ही हाई कोर्ट को शपथ पत्र देकर माना था कि, जोगी कंवर आदिवासी हैं। ये बातें जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश प्रवक्ता सुब्रत डे ने कही।
उन्होंने कहा कि, संत कुमार नेताम सुर्खियां बटोरने के उद्देश्य से सनसनी पैदा करने का प्रयास करते हैं। संत कुमार नेताम 17 वर्ष से कानूनी लड़ाई लडऩे की बात करते हुए अपने हाथों से अपनी पीठ ठोक रहे थे, किन्तु सच्चाई ये है कि, संत कुमार नेताम ने 12/02/2002 को उच्च न्यायालय को एक शपथ पत्र देकर माना था कि, जोगी कंवर आदिवासी हैं। साथ ही उन्होंने दायर याचिका को वापस भी लिया था। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश प्रवक्ता सुब्रडे डे ने कहा कि, यदि संत कुमार नेताम ने एक बार शपथ पत्र उच्च न्यायालय में दिया है तो फिर आज वह उस शपथ पत्र के विरुद्ध बातें किस आधार पर कह रहे है? क्या संत कुमार नेताम ने उच्च न्यायालय में झूठा शपथ पत्र देने का अपराधिक षड्यंत्र किया है? या कोई ऐसी राजनैतिक शह संत कुमार नेताम से कहलवा रही है?
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रवक्ता सुब्रत डे ने कहा कि, सामान्य पृष्ठभूमि के संत कुमार नेताम लम्बे वर्ष से उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय सहित आयोग में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। यह जांच का विषय है कि, इतने लम्बे कानूनी खर्च व इसके लिये सहयोग व संरक्षण किनके द्वारा पर्दे के पीछे से उन्हें प्राप्त हो रही है।

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