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गरीबी को कमजोरी समझने की गलती कभी न करें..!

गरीब व्यक्ति में विपरीत परिस्थितियों से लड़ने कि जो क्षमता होती है वो किसी भी व्यक्ति में नहीं होती।

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा
संवाददाता : शिव कुमार चौरसिया

हमेशा से गरीबी के प्रति समाज में हमारी सोच इस प्रकार बन चुकी है कि गरीब व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता। लेकिन मेरी जितनी समझ है कि गरीब व्यक्ति में विपरीत परिस्थितियों से लड़ने कि जो क्षमता होती है वो किसी भी व्यक्ति में नहीं होती।

किसी व्यक्ति में कड़ी मेहनत का गुण होना और अपार धीरज-धैर्य का होना सबसे बड़ी ताकत होती है।हम अपने घर के छोटे बच्चों को भी यही शिक्षा देते हैं न कि कड़ी मेहनत करने से सफलता मिलेगी। एक छोटे परिवार में जन्मा व्यक्ति बुरे हालातों में जीना जानता है।उन हालातों को झेलते हुए उसमें उस विपरीत परिस्थिति से लड़ने की क्षमता का विकास अपने आप हो जाता है।

मैं उन सभी लोगों से कहना चाहूंगा कि जो आर्थिक रूप से समाज में खुद को कमजोर समझते हैं ,कुछ संसाधनों कि कमी के कारण अपने आपको कभी छोटा न समझें।अगर जिस दिन आपने कुछ करने की ठान ली न उस दिन आप सब कुछ हासिल कर सकते हैं। जिस दिन व्यक्ति खुद को दूसरों से कम आंकना छोड़कर एक दृढ़ संकल्प लेकर खुद पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ेगा दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।

आर्थिक रूप से कमजोर लोगों में ही कुछ करने की अपार क्षमता अपने आप आ जाती है ।बस जरूरत होती है उस क्षमता को पहचानने की..

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