नवजात बच्चे काे सुलाते समय इन बाताें का रखें ध्यान!

मुलायम खिलौनों के साथ या उन पर पेट रखकर सोते हुए नवजात बच्चाें की तस्वीरें देखने में ताे बहुत अच्छी लगती है, लेकिन इस तरह साेना उनकी सेहत के हानिकारक हाे सकता है।

मुलायम खिलौनों के साथ या उन पर पेट रखकर सोते हुए नवजात बच्चाें की तस्वीरें देखने में ताे बहुत अच्छी लगती है, लेकिन इस तरह साेना उनकी सेहत के हानिकारक हाे सकता है।

एेसा इसलिए क्याेंकि इस तरह की नींद की मुद्राओं के कारण सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम यानी एसआईडीएस का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नवजात बच्चाें काे सुलाते समय कुछ चीजाें का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ताकि अापका बच्चा चैन की नींद साे सकें।

किन बाताें का रखें ध्यानः-

बिस्तर

कई बार पेरेंट्स कई सारे तकिए, खिलौने आदि बच्चे के आसपास रख देते हैं, जिससे बच्चे के लिए खतरा बना रहता है। क्योंकि उसका श्वसन तंत्र शुरुआती सालभर तक मजबूत नहीं रहता है।

पालना

बच्चाें काे ढीले-ढाले पालने में सुलाने से बचें। इससे उन्हें गर्दन और पीठ में दर्द हो सकता है। साथ ही इनसे गिरने का भी डर बना रहता है।

तापमान

कोशिश करें कि गर्मियाें व सर्दियाें में कमरे का तापमान न ज्यादा गर्म और न ही ज्यादा ठंडा हाे। इससे बच्चा सही तरह से साे नहीं पाएगा।

साेने की पोजिशन

बच्चे को कभी भी पेट के बल न सुलाएं। इससे सिड्स की आशंका रहती है, बच्चा अगर खुद से पेट के बल सो जाता है तो धीरे से उसे पीठ के बल लेटा दें।

को-स्लीपिंग

अगर अाप बच्चे काे बीच में सुला रहे हैं, ताे ध्यान रखें कि नींद में कभी भी उसपर हाथ या पैर न पड़े, ये नवजात के लिए खतरनाक हो सकता है। साथ बच्चे के मुंह पर चादर न अाेढाए, इससे उन्हें सांस लेने में परेशानी हाे सकती है।

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