चुनावी राजनीति में नया अध्याय, पहली बार कांग्रेस से ज्यादा सीटों पर लड़ रही बीजेपी

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के बदलते दौर का यह भी एक संकेत ही है कि बीजेपी पहली बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इससे पहले 2014 में बीजेपी ने अपने इतिहास में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें जीती थीं और कांग्रेस पार्टी अब तक का सबसे बुरा प्रदर्शन करते हुए महज 44 सीटों पर ही सिमट गई थी। एक वक्त में उत्तर भारत की ही पार्टी कही जाने वाली बीजेपी के उम्मीदवारों की संख्या बताती है कि वह पूरे देश में विस्तार ले रही है, जबकि कांग्रेस गठबंधन के चक्कर में कम सीटों पर लड़ रही है।

इन चुनावों में कांग्रेस ने 423 सीटों पर ही उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि बीजेपी 437 सीटों पर चुनावी जंग में सीधे तौर पर मुकाबले में है। हालांकि यूपी में कांग्रेस कुछ और सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाली है, लेकिन इसके बाद भी वह बीजेपी से आगे नहीं बढ़ती दिख रही। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह ऐतिहासिक मौका है क्योंकि कांग्रेस को आजादी के बाद से ही हमेशा राष्ट्रीय दल के तौर पर देखा जाता रहा है, जबकि समूचे भारत में बीजेपी की छाप उसके मुकाबले कम रही है।

भले ही बीजेपी ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 1998 और 1999 में केंद्र की सत्ता हासिल की, लेकिन 2014 की जीत ने उसे राष्ट्रीय फलक पर जबरदस्त विस्तार दिया। एक तरफ उसे 282 सीटों पर अपने दम पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस सिर्फ 44 सीटों पर सिमट गई और मुख्य विपक्षी दल का दर्जा भी न मिल सका।

कांग्रेस ने कहा, गठबंधन के चलते हम कम सीटों पर लड़ रहे

हालांकि एक पक्ष यह भी है कि कांग्रेस का बीजेपी के मुकाबले कम सीटों पर लड़ना उसकी कमजोरी से ज्यादा गठबंधन की रणनीति है। उसने तमाम सीटें अपने साझीदारों को दी हैं, जिसके चलते उसकी सीटों की संख्या कम हुई है। कांग्रेस के डेटा ऐनालिटिक्स डिपार्टमेंट के हेड प्रवीन चक्रवर्ती कहते हैं, ‘बीजेपी का कांग्रेस से ज्यादा सीटों पर लड़ना इस बात का संकेत है कि वे गठबंधन करने में सफल नहीं हो पा रहे हैं, जबकि कांग्रेस नए साथी जोड़ने में सफल रही है।’

2014 में कांग्रेस ने उतारे थे 464 कैंडिडेट

कांग्रेस ने भले ही 2014 में महज 44 सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन कैंडिडेट उतारने में वह बीजेपी से आगे थी। तब उसने 464 सीटों पर कैंडिडेट्स उतारे थे, जबकि बीजेपी ने 428 सीटों पर सीधे तौर पर चुनावी जंग लड़ी थी। 2009 में बीजेपी ने 433 और कांग्रेस ने 440 सीटों पर चुनाव लड़ा था।

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