छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में अपनाई जाएगी नई रिंग टेक्नालॉजी

रायपुर : भारत नेट योजना के तहत छत्तीसगढ़ में पुरानी तकनीक के स्थान पर नई रिंग टेक्नालॉजी अपनाई जाएगी। ये आग्रह मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय दूरसंचार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा से किया है। केन्द्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि, वे इस संदर्भ में आगामी बैठक में विचार कर निर्णय लेंगे। वहीं डॉ. सिंह ने कहा कि, नई रिंग टेक्नालॉजी से प्रभावी संचार तंत्र स्थापित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के आग्रह पर केन्द्रीय मंत्री सिन्हा ने कहा कि,छत्तीसगढ़ में महत्वाकांक्षी भारत नेट योजना का प्रथम चरण हर हाल में नवम्बर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। यह आश्वासन मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय दूरसंचार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ हुई एक बैठक में दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. सिंह को बताया कि, प्रथम चरण का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे नवंबर तक प्रथम चरण का कार्य पूर्ण कर लें।

4 हजार गांव जुड़ेंगे : डॉ. सिंह ने कहा कि, भारत नेट के प्रथम चरण में चार हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को उच्च गुणवत्ता की कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री का आभार माना की दुरूह परिस्थितियों में भी दूरसंचार विभाग ने सरगुजा और बस्तर के दूरस्थ इलाकों में भी 460 टेलिकॉम टॉवर स्थापित करने का कठिन कार्य पूरा किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि, प्रथम चरण का कार्य नवंबर माह में पूरा हो जाएगा और दूसरे चरण का कार्य भी तेजी से प्रारंभ किया जाएगा।

नक्सली अभियानों में मिलेगी सफलता : डॉ. सिंह ने कहा कि, छत्तीसगढ़ की एक विशेष परिस्थिति है। ऐसे में विकास की योजनाओं को तीव्र गति से राज्य के दूरस्थ इलाकों तक पहुंचाने और नक्सल विरोधी अभियान की सफलता के लिए भी निर्बाध और उच्च गुणवत्ता की दूरसंचार व्यवस्था का होना अति आवश्यक है।

ये रहे मौजूद : बैठक में दूरसंचार विभाग की सचिव अरूणा सुंदरराजन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह, आवासीय आयुक्त संजय कुमार ओझा और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी विक्रम सिसोदिया और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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