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दीवार में छेद किए बिना भारी सामान लटकाने की नई तकनीक

अब यह तकनीक उसके परिवार के लिए कारोबार का आधार बन गई

यूएई: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में जीईएमएस व‌र्ल्ड एकेडमी का छात्र 16 वर्षीय भारतीय किशोर इशिर को 10वीं कक्षा में एक नवोन्मेषी प्रोजेक्ट बनाकर देना था। जब उसने कील लगाने से दीवारों को होने वाले नुकसान को देखा तो उसे यह विचार आया।

इशिर ने बताया कि प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए उसने अमेरिका के पड्र्यू विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग पढ़ रहे बड़े भाई अविक से मार्गदर्शन के लिए संपर्क किया। दोनों के विचार मंथन में उन्हें यह उपाय सूझा।

इस वस्तु को क्लैपइट दिया गया है नाम इशिर ने बताया, ‘स्टील की एक पट्टी दीवार से चिपकी होती है जिसे अल्फा स्टील टेप नाम दिया गया है। दूसरी पट्टी जिस पर सामाना टांगा जाता है, उसे बीटा स्टील टेप नाम दिया गया, शक्तिशाली चुंबक पूरे ढांचे को एक साथ जोड़े रखती है।’ इशिर ने बताया कि इस वस्तु को उन्होंने ‘क्लैपइट’ नाम दिया है।

अपने बधाई संदेश के साथ नेपाल के पुराने नक्शे का इस्तेमाल किया है। नेपाल के पुराने नक्शे के साथ ओली ने दी दशहरे की बधाई, भारत के साथ संबंधों को दोबारा सामान्य बनाने की कोशिश इशिर के पिता सुमेश वाधवा अपने बेटे के कार्य से बहुत खुश हैं।

उन्होंने कहा कि इस तकनीक की मदद से हम अपने पूरे होम थियेटर को दीवार में छेद किए बिना टांग सकते हैं। सुमेश ने अब अपनी नौकरी छोड़ दी है और कारोबार के रूप में ‘क्लैपइट’ को लांच करने का फैसला किया है।

उत्पाद को जल्द बाजार में उतारने की योजना इशिर के पिता सुमेश वाधवा अपने बेटे के कार्य से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि इस चुंबक की मदद से हम अपने पूरे होम थियेटर को दीवार में छेद किए बिना टांग सकते हैं। सुमेश ने अब अपनी नौकरी छोड़ दी है और परिवार के कारोबार के तहत ‘क्लैपइट’ उत्पाद को लांच करने का फैसला किया है।

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