न्यू जीलैंड: मस्जिदों पर हुए हमले में घायल दो भारतीयों की मौत, 9 लोग अब भी लापता

नई दिल्ली। न्यू जीलैंड में दो मस्जिदों में हुए आतंकी हमले में घायल दो भारतीयों की मौत हो गई है। हैदराबाद के रहने वाले फरहाज हसन और मूसा वली सुलेमान पटेल की इलाज के दौरान मौत हो गई। फरहाज हसन पेशे से इंजिनियर थे। न्यू जीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में गोलीबारी के दौरान दोनों घायल हो गए थे। मूसा वली पटेल के भाई हाजी अली पटेल ने उनकी मौत की पुष्टि की है। इसके अलावा फरहाज हसन के परिजनों ने भी अपने परिवार के अहम सदस्य को हमेशा के लिए खोने की बात कही है। फरहाज अहसान के पिता ने कहा कि उनका बेटा मस्जिद में शुक्रवार की नमाज पढ़ने के लिए गया था।

न्यू जीलैंड में हुए इस हमले के बाद से 9 भारतीय लापता हैं, जिनके बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। न्यू जीलैंड स्थित भारतीय उच्चायोग स्थानीय प्रशासन से उनकी जानकारी जुटा रहा है। प्रशासन फिलहाल उनकी तलाश में जुटा है। उच्चायोग ने भी 9 भारतीयों के लापता होने की पुष्टि की है। इस हमले में पड़ोसी देश बांग्लादेश के दो और पाकिस्तान के 6 नागरिकों की भी मौत हुई है। इस हमले को लेकर दुनिया भर के दिग्गज नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने अफसोस जताया है।

रेड क्रॉस ने बताए कुछ लापता लोगों के नाम

रेड क्रॉस ने न्यू जीलैंड में हमले के बाद से लापता कुछ भारतीयों के बारे में जानकारी दी है। इनमें आरिफ वोरा, अनसी करिप्पाकुलम अलीबावा, महबूब खोखर, मोहम्मद इमरान खान और रमीज शामिल हैं।

न्यू जीलैंड में रहते हैं 2 लाख से ज्यादा भारतीय

भारतीय उच्चायोग के डेटा के मुताबिक न्यू जीलैंज में भारतीय मूल के लगभग 2 लाख लोग रहते हैं। इनमें से 30,000 छात्र हैं। दुनिया भर में शांत देश के तौर पर मशहूर न्यू जीलैंड में हुए इस हमले ने देश को बुरी तरह झकझोर दिया है। एक ऐसे देश में जहां पुलिसकर्मी भी आमतौर पर हथियार लेकर नहीं चलते, वहां इस घटना से सभी लोग अवाक हैं।

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