बालोद के परना में नई पंचायत को मिला नया पंचायत भवन

स्वतंत्र पंचायत बनने के बाद अब परना के लोग गांव में ही बना सकेंगे विकास योजनाएं

रायपुर : जिला बालोद, विकासखण्ड गुण्डरदेही के अंतर्गत ग्राम पंचायत परना में नये पंचायत भवन बनने से अब पंचायत भवन की छत के नीचे बैठकर, अपने गांव की विकास की योजनाएं बनाना आसान हो गयी है।

इसके आलावा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर ग्रामीणों की समस्याओं को निराकरण भी इसी पंचायत भवन कार्यालय में कर पा रहे हैं। नये पंचायत बनने से विकास की सुखद अनुभूति हो रही है।

ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत-परना का नवगठन फरवरी, 2015 में ग्राम पंचायत-परसतराई से अलग होकर हुआ। गठन के बाद से पंचायत का काम-काज सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा था।काम-काज और रिकार्ड रखने के लिए पर्याप्त जगह नही थी, साथ ही ग्रामीणों के अधिक संख्या में आने पर बैठक व्यवस्था की भी समस्या बनी रहती थी। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए ग्राम पंचायत के द्वारा गाँव की रिक्त भूमि पर शीघ्र नवीन पंचायत भवन बनाने का निर्णय लिया गया।

अब पंचायत भवन में बैठने के लिए पर्याप्त जगह होने से अधिक से अधिक ग्रामीण ग्राम पंचायत की बैठकों में भाग लेते हैं। इसके अलावा गाँव के 146 पेंशनधारी भी अपनी पेंशन इसी पंचायत भवन के बैठक कक्ष में आकर लेते हैं, जिसके कारण यह बुजुर्गों और निराश्रितों के बीच एक-दूजे का हाल-चाल जानने और बातचीत का भी मंच बन चुका है।

इससे हमें अपनेपन का अहसास होता है। ग्राम पंचायत परना के सरंपच बताते है कि वे ग्रामीणों की सहमति से ग्राम पंचायत के द्वारा भवन निर्माण हेतु भूमि का चिन्हांकन किया।भवन के निर्माण के लिए तीन योजनाओं के परस्पर तालमेल से 14 लाख 15 हजार रूपए की स्वीकृति मिली थी।

ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती रेवती साहू का कहना है कि नयी पंचायत भवन सुव्यस्थित व सुसज्जित है। इस भवन में सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के लिए आबंटित कक्षों में शौचालय का निर्माण के साथ ही पृथक से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया।

स्वच्छता निरंतर बनी रहे, इसके लिए गाँव में सभी ग्रामीणों के द्वारा साप्ताहिक स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रत्येक परिवार के एक सदस्य के द्वारा गाँव की साफ-सफाई में श्रमदान किया जाता है। पंचायत भवन में स्वच्छता के साथ, सुंदरता पर विशेष ध्यान दिया गया है। भवन के प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य द्वार तक सुंदर बगीचा है। जिससे यहां का वातावरण तरोताजा रहते हैं।

सचिव श्रीमती अंजु माकोड़े ने बताया कि पंचायत द्वारा 14वें वित्त व पंचायत मद की राशि से भवन के परिसर में फूलों युक्त पौधों का रोपन किया गया है। इसके अतिरिक्त फेंसिग तार, गेट निर्माण और नल-जल की व्यवस्था भी की गई है।

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