लखनऊ में आतंकी के छिपे होने की खबर, एटीएस ने दो संदिग्ध आतंकियों को लिया हिरासत में

मकान के भीतर भारी विस्फोटक होने की जानकारी मिली

लखनऊ:उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दुबग्गा इलाके में पुलिस और एटीएस की टीमों ने एक घर को घेर किया. बताया जा रहा है कि यहां एक घर में पुलिस और एटीएस को आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. पूछताछ के बाद अलकायदा के दो संदिग्ध आतंकियों को हिरासत में लिया गया है. कहा जा रहा है कि, इन दोनों का संबंध अल कायदा से है.

दोनों पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे. साथ ही, एटीएस लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. इसके अलावा स्थानीय पुलिस भी ऑपरेशन में शामिल है. आसपास के घरों को खाली कराया गया. बम स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया है. इस बीच लखनऊ में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.

मकान के भीतर भारी विस्फोटक होने की जानकारी मिली है. ऑपरेशन के लिये एनएसजी कमांडो को भी बुलाया गया है. इस बीच जानकारी मिली है कि, इन दोनों संदिग्धों के हैंडलर अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर हैं. उमर-अल-बंदी इन्हें निर्देश दे रहा था. सूत्रों से जानकारी मिली है कि, कई बीजेपी नेता इन आतंकियों के निशाने पर थे.

दो आतंकी हिरासत में लिये गये

वहीं, हिरासत में लिये गये दोनों संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ की जा रही है. ये दोनों ही अलकायदा के बताये जा रहे हैं. इस बीच मकान के भीतर से किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है. वहीं, केंद्रीय एजेंसी के इनपुट के बाद ये ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

जानकारी के अनुसार, ठाकुरगंज इलाके में ये मकान है. ये बेहद ही घनी आबादी वाला इलाका है. एटीएस बेहद सावधानी बरत रही है कि, किसी भी आम जनता को कोई नुकसान ना पहुंचे. इस ऑपरेशन के लिये एंबुलेंस भी मौके पर बुला ली गई है. अबतक जानकारी मिली है कि, ये मकान शाहिद नाम के शख्स का है, जो मलिहाबाद के रहने वाला है, यहां वो परिवार के साथ रहता है.

मौके पर पुलिस के आला अधिकारी मौजूद हैं. एडीजी प्रशांत कुमार भी मौके पर हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पल पल की जानकारी ले रहे हैं. वहीं, यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा कि, दोनों आतंकियों के तार कश्मीर से जुड़े हैं. उन्होंने बताया कि, कई जगह पर कार्रवाई चल रही है.

बीजेपी की टॉप लीडरशिप आतंकियों के निशान पर

मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बीजेपी नेता निशाने पर थे. इनमें प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, संगठन महामंत्री सुनील बंसल भी निशाने पर थे.
तीन साल पहले संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को मारा गया था आपको बता दें कि, ये संवेदनशील इलाका है.

तकरीबन तीन साल पहले इसी इलाके में सैफुल्लाह का एनकाउंटर हुआ था. 8 मार्च 2017 को करीब 12 घंटे ये मुठभेड़ चल थी. इस ऑपरेशन में संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को मारा गिराया गया था. इस मामले में यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

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