जाने देश के मोस्टवांटेड नक्सली के बारे में, बरसों से तलाश रही NIA

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़, ओडिसा, झारखंड, तेलांगना और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में फैले नक्सलियों के टॉप कमांडर्स को मोस्टवांटेड लिस्ट में शामिल किया गया है।

रायपुर।
नक्सलवाद देशभर में आतंकवाद की तरह अंदरूनी इलाकों में अपने पैर पसार रहा है। नक्सलियों की बढ़ती गतिविधियों से गृह मंत्रालय चिंतित है और नक्सली उन्मूलन के लिए व्यापक स्तर पर नीतियां तैयार की जा रही हैं।

इसी क्रम में देश की सबसे बड़ी सुरक्षा एजेंसी ने गृह मंत्रालय के निर्देश पर देश में पहली बार आतंकियों की तर्ज पर टॉप मोस्ट वांटेड नक्सलियों की सूची जारी की है।

इस सूची में शामिल ज्यादातर नाम नक्सलियों के टॉप लीडर्स के हैं। इनमें से कई छत्तीसगढ़ के अबूझमाढ़ इलाके में शरण लिए हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़, ओडिसा, झारखंड, तेलांगना और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में फैले नक्सलियों के टॉप कमांडर्स को मोस्टवांटेड लिस्ट में शामिल किया गया है।

लिस्ट में टॉप नक्सलियों की तस्वीरों के साथ उनके संभावित ठिकानों की भी जानकारी मुहैया कराई गई है, जिससे एजेंसियों के लिए इनकी पहचान करना आसान होगा।

इन नामों के साथ पूरे देश में जुड़ा है नक्सल नेटवर्क

मोस्ट वांटेड नक्सलियों की लिस्ट में सबसे पहला नाम है मुप्पला लक्ष्मन राव का, जिसे गणपति और रमन्ना के नाम से भी जाना जाता है। 71 साल का यह शख्स हाल ही में नक्सलियों के सबसे बड़े ओहदे सेंट्रल कमेटी के महासचिव पद से रिटायर हुआ है।

एनआईए को अंदेशा है कि यह वर्तमान में छत्तीसगढ़ के अबूझमाढ़ क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके साथ ही लिस्ट में नम्बल्ला केशव राव उर्फ बसव राजू का नाम भी शामिल है। यह नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी नया महासचिव है और इसके भी अबूझमाढ़ क्षेत्र में छिपे होने की बातें सामने आ रही हैं।

इनके अलावा टॉप मोस्ट सूची में प्रशांत बोस उर्फ किसनजी का नाम शामिल है, जिसके झारखंड के सारंदिया क्षेत्र में होने की बातें सामने आ रही हैं। छत्तीसगढ़-आंध्र और ओडिशा बॉर्डर पर सायन्ना नाम के नक्सली नेता के होने का अंदेशा एनआईए को है।

सूची में अगला नाम मल्लोइयुला वेनुगोपाल का है, जो छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर सक्रिय है और यहां से नक्सली गतिविधियों को लीड कर रहा है।

कटकम सुदेशन, थिप्पारी तिरुपति उर्फ चेतन उर्फ रमेश, कदारी सत्यनारायण रेड्डी उर्फ साधू उर्फ गोपनना उर्फ कोसा, रमन्ना उर्फ श्रीनिवास, हरीभूषण उर्फ नारायण और माडवी हिडमा छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में रहकर माओवादी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं।

इनके साथ ही पुल्लूरीप्रसाद राव छत्तीसगढ़-आंध्र सीमा पर, मोडेम बालाकृष्णन ओडिशा में, मिलिंद तेलतुंबड़े छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर, झारखंड में सुधाकर, बिहार में प्रवेज उर्फ अनुज उर्फ सहदेव, झारखंड और पश्चिम बंगाल सीमा पर असीम मंडल उर्फ तिमिर उर्फ आकाश सक्रीय नक्सल नेटवर्क के मुख्य हिस्से हैं।

एनआईए को इन सब की सरगर्मी के साथ तलाश है। वैसे एजेंसी का मानना है कि इनमें से ज्यादातर बड़े नक्सली किसी एक ठिकाने पर स्थायी तौर पर न रहकर लगातार मूवमेंट में हैं, जिसकी वजह से इन्हें पकड़ना थोड़ा मुश्किल हो रहा है।

कई बड़ी वारदातों में रहे शामिल

नक्सल नेटवर्क के शीर्ष पर रहे गणपति सहित कई मोस्ट वांटेड नक्सलियों की ताजा तस्वीर सुरक्षा एजेंसी के पास उपलब्ध नहीं है और तकरीबन 3 दशक पुरानी तस्वीरों से इनके पहचान की कोशिशें की जा रही हैं। गणपति का पिछले 3 दशक से खोजने का प्रयास किया जा रहा है।

संगठन के नए महासचिव नम्बल्ला केशव उर्फ बसव राजू के बारे में जानकारी मिली है कि वह एनआईटी से इंजीनियरिंग स्नातक है और लिट्टे से गुरिल्ला वार की ट्रेनिंग हासिल की है।

वह आईईडी इन्प्लांट में भी एक्सपर्ट है। लिस्ट में शामिल माडवी हिडमा पर सुकमा में सीआरपीएफ के 12 जवानों की हत्या का आरोप है। इनमें से कुछ नक्सली छत्तीसगढ़ के दरभा घाटी में हुए सीआरपीएफ के 75 जवानों की हत्या के मामले में भी शामिल रहे हैं।<>

 

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