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टेरर फंडिंग मामला: NIA ने भेजा जम्मू कश्मीर के निर्दलीय विधायक को समन

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल राशिद को घाटी में आतंकवादी गतिविधियों के वित्त पोषण से संबंधित मामले में पूछताछ के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआईए ) ने समन भेजा है. अधिकारियों ने आज बताया कि राशिद इंजीनियर को तीन अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. वह मुख्यधारा के पहले राजनीतिक हैं जिन्हें इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने समन भेजा है. कारोबारी जहूर वटाली से पूछताछ के दौरान उनका नाम सामने आया था. एनआईए ने वटाली को घाटी में आतंकवादी गुटों और अलगाववादियों को कथित तौर पर धन मुहैया कराने के मामले में गिरफ्तार किया था.

उत्तर कश्मीर की लागाते विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक राशिद ने इस मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और उन्होंने जम्मू कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष से जांच शुरू करने की अपील की .

अधिकारियों ने बताया कि एनआईए ने अलगाववादी नेताओं के खिलाफ 30 मई को एक मामला दर्ज किया था. इन नेताओं की प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों- हिजबुल मुजाहिदीन, दुख्तरान-ए-मिल्लत, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य संगठनों के सक्रिय आतंकवादियों के साथ कथित तौर पर सांठगांठ है.

जांच एजेंसी ने प्राथमिकी में कहा है कि यह मामला जम्मू कश्मीर में अलगाववादी एवं आतंकवादी गतिविधियों के वित्त पोषण के लिए हवाला सहित विभिन्न गैरकानूनी तरीकों से धन एकत्र करने, लेने और उगाहने तथा घाटी में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, स्कूल जलाने, सुरक्षा बलों पर पथराव करने तथा देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के संबंध में दर्ज किया गया है.

प्राथमिकी में पाक स्थित आतंकी गुट जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद का नाम आरोपी के तौर पर है. जमात उद दावा प्रतिबंधित गुट लश्कर ए तैयबा का मुखौटा संगठन है.

इसके अलावा, प्राथमिकी में हुर्रियत कान्फ्रेंस के दोनों गुटों, हिजबुल मुजाहिदीन, दुख्तरान ए मिल्लत आदि का नाम भी है.

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