नौ साल की मेहनत रंग लाई – देश की पहली ड्राइवर लेस कार तैयार

भोपाल : भोपाल में रहने वाले संजीव शर्मा ने देश की पहली चालक रहित रोबोटिक कार बनाई है। नौ साल की लंबी मेहनत के बाद वह इस कार को सड़क पर उतार पाए हैं। 2015 में पहली बार इस कार का सफल परीक्षण किया गया था। इस कार से हादसों की आशंका भी ड्राइवर वाली कारों की तुलना में 40 फीसदी कम होगी।

इसके पीछे का कारण यह है कि इंसान ड्राइविंग के दौरान एक सेकंड में अधिकतम 10 बार निर्णय ले सकता है, लेकिन ईजाद की गई सेल्फ ड्राइविंग तकनीक के जरिये यह कार एक सेकंड में 40 बार निर्णय लेने की क्षमता रखती है।

आइआइटी रुड़की से पढ़े संजीव शर्मा ने रोबोटिक तकनीक से सेल्फ ड्राइविंग कार बनाई है। उन्होंने स्वायत्त रोबोट्स नाम से कंपनी बनाकर स्टार्टअप के रूप में इसे शुरू किया है। संजीव के मुताबिक इस तकनीक से टू-व्हीलर वाहन को छोड़कर ट्रक, कार, टैंकर्स जैसा हर वाहन चलाना संभव है। इसके लिए खर्च भी पांच से आठ लाख रुपये तक आता है। संजीव इस तकनीक का उपयोग बॉर्डर पर टैंक ऑपरेटिंग और अन्य वाहन संबंधित गतिविधियों में करना चाहते हैं।

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