छत्तीसगढ़ में निपाह की दहशत, बिजली तार में फंसे चमगादड़ों को दफनाया

नगर निगम के अमले ने शहर भर में चलाया अभियान

बिलासपुर। निपाह वायरस को लेकर अलर्ट जारी होने के बाद मंगलवार को नगर निगम के अमले ने शहर में बिजली तार से चिपककर मरे एक दर्जन चमगादड़ों को इकठ्ठा किया। इनमें से एक को जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया। वहीं अन्य को अरपा नदी में गड्ढा खोदकर दफनाया गया।

बता दें कि सरजू बगीचा समेत शहर के कुछ इलाकों में चमगादड़ बड़ी तादाद में पाए जाते हैं। ये चमगादड़ अक्सर बिजली तार की चपेट में आकर मर जाते हैं।
बीते दो दिन के भीतर सरजू बगीचा स्थित इमली पेड़ के पास तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा चमगादड़ों की मौत हो गई है। गर्मी बढ़ने पर ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन जिला प्रशासन निपाह वायरस को लेकर सतर्कता बरत रहा है। आशंका को देखते हुए नगर निगम के अमले को मृत चमगादड़ खोजने के लिए भेजा गया।

सालों से है चमगादड़ों का बसेरा : सरजू बगीचा स्थित इमली के विशाल पेड़ में कई दशक से चमगादड़ों का बसेरा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पेड़ पर एक हजार से ज्यादा चमगादड़ रहते हैं। इनकी वजह से पहले कभी कोई समस्या नहीं हुई। ऐसे में वे निपाह वायरस को लेकर भी आशंकित नहीं हैं। ये बड़े आकार के चमगादड़ हैं और वायरस फैलाने वाला फ्रूट बैट छोटे आकार का होता है।

अलर्ट के बाद दिख रहा दहशत : बता दें कि जिला प्रशासन द्वारा निपाह वायरस को लेकर अलर्ट जारी करने के बाद से शहर में दहशत नजर आ रही है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि खतरे की कोई बात नहीं है। फिर भी इस वायरस से मिलते-जुलते लक्षण दिखने पर जिला अस्पताल में संपर्क करने को कहा गया है।

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