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बिहार विनिवेश प्रोत्साहन संगोष्ठी : नीतीश ने दिया जापानी कंपनियों को निवेश का न्योता

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में निवेश के लिए जापान की अग्रणी कंपनियों को न्योता दिया। उन्होंने कहा कि आप बिहार में बुनियादी ढांचे के सृजन, मानव क्षमता के विकास, विशेषकर तकनीकी सहयोग, औद्योगिक साझेदारी, प्रभावी सेवा प्रणाली, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और शैक्षिक अनुसंधान के विकास में निवेश करें। जापान और बिहार की यह अनूठी साझेदारी सामाजिक-आर्थिक सहयोग का बेहतरीन उदाहरण बनेगी।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जापान के टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित बिहार विनिवेश प्रोत्साहन संगोष्ठी में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि बिहार में नए युग की औद्योगिक और तकनीकी क्रांति की प्रचूर संसाधन और संभावनाएं हैं। यहां के युवाओं की प्रतिभा इस राज्य की ताकत है। बिजली की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य ने अपनी उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ-साथ सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों से विद्युत की पर्याप्त आपूर्ति के लिए करार किया है। जापान भी बिहार में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की संभावनाओं पर विचार कर सकता है।

बिहार के विकास में सक्रिय साझीदार बनें : मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने जापान की इस यात्रा का निमंत्रण इसलिए स्वीकार किया, क्योंकि मैं जापान की अद्भुत आस्था, संस्कृति और चकित करने वाली प्रगति से प्रेरित हूं। मैं बिहार के सामर्थ्य और संभावित अवसरों को भी साझा करना चाहता हूं। हमने बिहार की अर्थव्यवस्था में गतिशीलता और समग्रता को समाहित किया है। राज्य की विकास दर भारत में सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में एक है। मैं इस विकास दर को बनाए रखने में, इसे और अधिक जीवंत और स्व-सृजनात्मक बनाने में आपके सहयोग की अपेक्षा करता हूं। आप सभी उपस्थित सदस्यों का आह्वान करता हूं कि बिहार के विकास में सक्रिय साझीदार बनें।

दोनों राष्ट्रों के बीच रिश्ते रहे हैं : सीएम ने कहा कि जापान और भारत के बीच मैत्री का लम्बा इतिहास रहा है, जिसकी मजबूत जड़ें आध्यात्मिक लगाव और मजबूत संस्कृति में निहित है। जापान के साथ भारत के सीधे सम्पर्क का पहला साक्ष्य नारा प्रान्त के तोदाईजी मंदिर से जुड़ा है, जहां 752 ई. में भगवान बुद्ध की विशालकाय मूर्ति का पवित्रीकरण एक भारतीय बौद्ध-भिक्षु, बोधिसेन द्वारा किया गया था। जापान में मिथिला चित्रकला का संग्रहालय है। नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरस्थापना में भागीदारी के लिए जापान की सरकार का धन्यवाद करता हूं। भारत-जापानी सहयोग का एक और सुन्दर उदाहरण बिहार संग्रहालय है। प्रसिद्ध जापानी वास्तुकला फर्म ‘माकी एंड एसोसिएट्स ने विश्वस्तरीय बिहार संग्रहालय के वास्तुशिल्प संरचना की परिकल्पना की है।

ये भी बोले : बिहार के बौद्ध स्थलों पर आधुनिक होटलों के निर्माण में जापान निवेश करें। पटना-गया-बोधगया-राजगीर-नालंदा के बीच तीव्र गति के रेल लिंक हो, जो गया एयरपोर्ट एवं बिहटा स्थित पटना के एयरपोर्ट को भी जोड़े। इसे विकसित करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता जापान करे।

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