राष्ट्रीय

नीतीश की मुहिम रंग ला रही है बाल विवाह के खिलाफ

बिहार के मुख्यमंत्री ने दो अक्टूबर से बिहार में दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ सामाजिक आंदोलन की शुरूआत कर दी है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बाल विवाह प्रथा के खिलाफ अभियान अब रंग लाने लगा है. मुख्यमंत्री के इस अभियान का असर राज्य के बेटियों को हौसला दे रहा है. यही वजह है की बिहार में बीते दो दिनों में तीन नाबालिग बेटियों ने माता-पिता के कम उम्र में शादी के फैसले का न केवल विरोध किया, बल्कि शादी की सभी तैयारियों के बावजूद शादी करने से मना कर दिया.

गुड़ि‍या ने बताया कि अभी वह आठवी में पढ रही है, मां-पिताजी शादी कर रहे थे, हमने इंकार कर दिया कि अभी पढाई करनी है. बाल विवाह के लिए दहेज एक बहुत बड़ा कारण है. गुड़ि‍या के पिता अजय पासवान कहते हैं कि उनकी पांच बेटियां हैं, सबकी शादी करनी है. कम उम्र मे शादी करने से दहेज कम देना पड़ता है, लेकिन बेटी के इंकार करने पर वो भी मान गए. अजय पासवान ने कहा कि बेटी अभी पढना चाहती है.

गांव के रामबाबू पासवान की 13 बर्षीय पुत्री गंगा कुमारी और 12 बर्षीय पुत्री सुनीता कुमारी की शादी करायी जा रही थी. दोनों की शादी को लेकर पूरी तैयारी कर ली गयी थीं. दोनों के लिए दूल्हे बारात लेकर आ चुके थे, घर मे शादी का माहौल परवान पर था. मंगल गीत गायी जा रही थी.

उसके बाद लड़के वाले बारात लेकर लौट गए, लड़कियों का कहना है कि वो आगे अपनी पढ़ाई पूरा करना चाहती हैं और फिर बालिग होने पर शादी करेगी. इस तरह दोनों नाबालिक लड़कियों की शादी रुक जाने के बाद एक तरफ जहां दोनों को जिंदगियां उम्र से पहले उजड़ने से बच गयी.

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