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कुष्ठ रोगियों से जल्दी कांटेक्ट में एनएमए जाएंगे 20-20 घरों में 18 से शुरु

पाटन में आगाज-2021अभियान में मिले 31 पीबी व 17 एमबी के कुष्ठ रोगी

दुर्ग: पाटन ब्लॉक के 13 गाँव में 18 से 20 जनवरी तक “हेल्दी कांटैक्ट अभियान’’ चलाया जाएगा जिसके अंतर्गत 17 (मल्टी बैसिलरी) यानि एमबी कुष्ट रोग से ग्रसित के संपर्क में आए लोगों की जांच की जाएगी|

इन 17 रोगियों की पहचान कुष्ठ रोगी विशेष खोज अभियान “आगाज-2021” के दौरान की गई है| यह अभियान राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत पाटन के 112 ग्राम पंचायतों में 07 दिसंबर से 15 जनवरी तक चलाया गया जिसमें 48 कुष्ठ रोगियों की खोज की गई| इनमें 17 एमबी और 31 असंक्रामक (पासी बैसिलरी) कुष्ठ रोग के ग्रसित पाए गए ।

अब एमबी कुष्ठ रोगियों के संपर्क में आने वालों लोगों की पहचान के लिए “हेल्दी कांटैक्ट अभियान’’ चलाया जाएगा जिसमें 20-20 घरों में नॉन मेडिकल अस्सिटेंट (एनएमए) की टीम परिवार के मुखियों से संपर्क किया जाएगा। यह टीम कुष्ठ रोगियों की स्क्रीनिंग का काम कारेगें। “हेल्दी कांटैक्ट’’ के लिए सेलूद, टेकारीवखमरिया, अचानकपुर, खोला, बासीन, बेंदरी, अरसनारा, सेमरी, अमलेश्वर, भोथली, बटंग, और उफरा गांवोंका चयन किया गया है|

इन 17 कुष्ठ के एमबी मरीजों के घरों के आसपास खोज के लिए 18एनएमए के साथ 3 रिटायर्ड एनएमएस 7-7 सदस्यों को तीन ग्रुपों में बांटे जाएंगे। “आगाज-2021” को सफल बनाने के लिए मुखिया द्वारा ही परिवार के प्रत्येक सदस्य के शरीर में दाग व धब्बों की पहचान कर दवाईयां खिलाई जाएगी। इस अभियान में मितानिन और ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को भी शामिल किया जाएगा।

डॉ शुक्ला ने बताया, इसी कड़ी में अब यह अभियान पाटन ब्लॉक के बाद 25 जनवरी से निकुम (दुर्ग) ब्लॉक के 76 ग्राम पंचायतों में भी शुरू किया जाएगा। इसके बाद क्रमश: धमधा ब्लॉक, अर्बन क्षेत्र दुर्ग, भिलाई एवं चरौदा में कुष्ठ मरीजों की पहचान की जाएगी।

जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने बताया, पाटन ब्लॉक में “मेरा ग्राम कुष्ठ मुक्त ग्राम” के तहत कुष्ठ रोगी खोज अभियान भी 7 दिसंबर 2020 से 20 जनवरी 2021 तक चलाया जा रहा है।

बीएमओ पाटन डॉ. आशीष शर्मा ने बताया, “आगाज-2021” के तहत एनएमए की टीम ने ब्लॉक में 48 कुष्ठ के मरीजों की पहचान की है। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 9 से 15 जनवरी तक आयोजित चर्म रोग निदान शिविर में 8 नए कुष्ठ प्रभावित मिले हैं। “मेरा ग्राम कुष्ठ मुक्त ग्राम” की परिकल्पना को साकार करने ग्राम पंचायत अमलेश्वर, सांतरा, जामगांव, किकिर मेटा, खोला, केसरा, फुंडा, घुघवा-क., पन्दर, जामगांव एम., मोंरिद,तेलीगुंडरा, अरसनारा में शिविर लगाया गया था। कुष्ठ की विशेष खोज अभियान के तहत पाटन के ग्राम पंचायतों में सभी सरपंच, पंच, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संस्था, परिवार केमुखिया सहित कुल 4,350 सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया था। समुदाय में रोग के संक्रमण को रोकनें के लिए व नये कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों की पहचान के लिए घर के मुखिया को प्रशिक्षित किया गया है। मुखिया द्वारा ही प्रत्येक सदस्य के शरीर में दाग व धब्बों की पहचान की जा रही है।

एनएमए ने तैयार किया हेल्दी कांटैक्ट फार्मेट

जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में कुष्ठ के प्रति जनजागरुकता लाने व त्वरित निदान व उपचार के लिए मरीजों को चिन्हांकित किया जा रहा है ताकि संक्रमण के लक्षण में ही रोग की पहचान कर शरीर को विकृत होने से सुरक्षित चर्म रोग निदान शिविर आयोजित की जा सके। मितानिन द्वारा गृहभ्रमण कर चिंहांकित लोगों की स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की जा रही है।स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत नॉन मेडिकल असिस्टेंट टीआर साहू ने बताया `हेल्दी कांटैक्ट अभियान’ के लिए फार्मेट तैयार किया गया है जिसके मुताबिक अभियान के दौरान रोगी का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, उम्र, पता, रोगी के चारों ओर 20 घरों के मुखिया का नाम, घरों के सदस्यों की संख्या, परीक्षित व्यक्तियों की संख्या, परीक्षण तिथि, परिणाम आदि का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। इस फॉर्मेट में रोगी स्वस्थ्य, असंक्रामक है या संक्रामक, इसका भी उल्लेख किया जाएगा। अभियान के तहत रोगी के घर के आसपास 20 घरों के मुखिया समेत उनके सदस्यों की जांच की जाएगी और कुष्ठ रोग के प्रसार का सटीक आंकड़ा प्राप्त किया जाएगा। 20 जनवरी के बाद रिपोर्ट तैयार होगी और कुष्ठ रोगियों की वास्तविक संख्या मालूम होगीताकि रोगियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।

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