न बैंड बजा, न हुई आतिशबाजी और चंद मिनटों में हो गई शादी

कटनी:स्लीमनाबाद के निकटवर्ती गांव कारीपाथर में सोलह मिनट में शादी हुई। यह अनोखा विवाह ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। जहां लोग विवाहों में लाखों रुपए खर्च करते हैं यह विवाह उन लोगों के लिए सबक बना। इस विवाह में बैंडबाजा, घोड़ी, दूल्हे के सिर पर सेहरा पर कोई खर्च नहीं किया गया। विवाह में कोई दहेज भी नहीं लिया गया। कबीर पंथी से हुई शादी में दहेज प्रथा को समाप्त करने का ग्रामीणों ने संकल्प लिया।

दुल्हन की विदाई भी साधारण कपड़ों में की गई। शादी में मूलचद दास, हरदास, राम कृपाल दास, शिव कुमार, वीरेंद्र कुमार, रंजीत, भगवानदास, रामलाल, राधिका, जयराम, गोलू समेत संतों और ग्रामीणों की उपस्थिति रही। शादी में शामिल होने वाले लोगों को मीठे व्यंजनों को की जगह चाय, बिस्किट और साधारण भोजन की व्यवस्था की गई।

कारीपाथर के छिदामी लाल की पुत्री जयंती और आशाराम के पुत्र आशीष का विवाह लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। दूल्हा और दुल्हन दोनों शिक्षित हैं। दुल्हन नर्सिंग ट्रेनिंग कर रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के विवाहों से मिशाल लेते लोगों को विवाहों में फिजूल खर्ची पर रोक लगाना चाहिए।
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