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निक्को संपत्तियों की बिक्री टेंडर को नहीं मिली कोई बोली

निक्को कॉरपोरेशन की संपत्तियों की एकमुश्त बिक्री के लिए जारी टेंडर में किसी ने भी दिलचस्पी नहीं दिखाई।

कोलकाताः निक्को कॉरपोरेशन की संपत्तियों की एकमुश्त बिक्री के लिए जारी टेंडर में किसी ने भी दिलचस्पी नहीं दिखाई।

राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एन.सी.एल.टी.) की कोलकाता पीठ ने कंपनी के परिसमापन का आदेश दिया है।

निक्को कॉरपोरेशन के परिसमापक विनोद कोठारी ने इस संबंध में ई-मेल का जवाब देते हुए कहा कि एकमुश्त बिक्री में किसी की रूचि न हीं मिलने के कारण अब इसे टुकड़ों में बेचा जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसके लिए संभावित पात्र बोली दाताओं से पुन: रूचि पत्र मंगाए जाएंगे और तब संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी की जाएगी। एन.सी.एल.टी. में दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया के असफल होने के बाद कंपनी की संपत्तियां बेचने का निर्णय लिया गया था।

परिसमापक द्वारा बिक्री के लिए सूचीबद्ध संपत्तियों में पश्चिम बंगाल के श्यामनगर और ओडिशा के बारीपाड़ा स्थित विनिर्माण संयंत्र, कोलकाता और मुंबई के विखरोली में स्थित निक्को समूह के मुख्यालय के दफ्तर, मुंबई में स्थित एक अतिथिगृह एवं कुछ अन्य निवेश शामिल हैं।

कंपनी को इलाहाबाद बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और केनरा बैंक समेत अन्य बैंकों ने ऋण दिया था। कंपनी के ऊपर करीब 290 करोड़ रुपये का बकाया है।

औद्योगिक और वित्तीय पुर्निनमाण बोर्ड (बी.आई.एफ.आर.) को खत्म किए जाने के बाद निक्को कॉरपोरेशन पहली ऐसी कंपनी है जिसे एन.सी.एल.टी. के पास भेजा गया।

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