छत्तीसगढ़

आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे नहीं, फिर भी चला रहे हैं केंद्र

धनेश्वर साहू

जैजैपुर।

जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं के बराबर बच्चे दिखाई देते हैं। वहीं कई आंगनबाड़ी केंद्रों में नाम मात्र के बच्चे जाते है। जब क्लिप्ांर28 टीम ने क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किए तो यह पाया गया कि ग्राम पेंड्री एवं देवरीमठ में आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लटकते नजर आए एवं एक आंगनबाड़ी केंद्र में एक भी बच्चे नहीं मिले।

वहीं पर ग्राम डोटमा के आंगनवाड़ी केंद्र में 6 बच्चे ही मिले। उन्होंने यह बताया कि हम लोग जो पलायन कर चुके हैं, उनका नाम भी रजिस्टर में चढ़ाए हुए हैं। वहीं पर जब 35 बच्चे में मात्र 6 बच्चे ही आगनबाड़ी केंद्र में मिले, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि खाने के समय बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र आते हैं।

लेकिन दूसरी बात यह है कि सुपरवाइजर अपने पाकेट गर्म करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण नहीं करते और करते भी हैं तो आंख मूंदकर करते हैं।

इस प्रकार से देखा जाए तो अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में 10 बच्चे से कम ही आते हैं, लेकिन उपस्थिति उसमें 80% से 90% कार्यकर्ता कहते हैं। बता दें कि सुपरवाइजर सप्ताह में एक बार भी सायद जांच करते हैं । इस तरह से कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक की मिलीभगत से यह कार्य हो रहा है।

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