कर्ज माफ़ी के लिए नहीं,यहाँ किसान के बेटे ने कॉपी-कीताब के लिए की आत्महत्या

महाराष्ट्र में जहा एक यारफ किसान कर्ज माफ़ी के लिए आन्दोलन कर रहे हैं. वहीं के उस्मानाबाद जिले में किसान के 13 साल के लड़के ने पढ़ाई के लिए कॉपी और किताब खरीदने के लिए पैसे ना मिलने की वजह से आत्महत्या कर ली.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक उस्मानाबाद जिले के बावी गांव के 9वीं क्लास के अरबाज नबीलाल अतार ने 20 जून को पढ़ाई के लिए कॉपी और किताब खरीदने के लिए पैसे ना मिलने की वजह से झाड़ से फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली.

आपको बता दें कि अरबाज नबीलाल अतार के पिता किसान हैं और उनकी चार एकड़ की खेती है. मुख्यमंत्री द्वारा लगातार घोषणा करने के बावजूद किसानों को खरीफ की खेती के लिए दस हजार रुपये बैंक को तुरंत देना शुरू करना चाहिये, लेकिन इस लड़के के किसान पिता को अभी तक कुछ नहीं मिला है.

अरबाज की आत्महत्या को लेकर उसका परिवार सदमे में है. वहीं उसके दफन विधि के लिये पैसे ना होने से किसी इंसान ने उन्हें पांच हजार रुपये की मदद दी. लेकिन, प्रशासन की ओर से कोई भी इस परिवार से मिलने नहीं आया.

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