एक तरफ सफाई कर्मियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए किराए पर ले रहे कार

रायपुर. एक तरफ सफाई कर्मचारियों को वेतन देने के लिए रायपुर निगम के पास पैसे नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर निरीक्षण के नाम पर जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को भारी-भरकम किराए पर चार पहिया वाहन दिया जा रहा है. इस फिजूलखर्ची को लेकर विपक्ष ने सवाल किया है.

रायपुर नगर निगम पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों के इस कदम को विपक्ष ने फिजूलखर्ची बताया है. दरसअल जो जोन हेल्थ ऑफिसर बीते 15 सालों से दो पहिया वाहनों में काम किया करते थे. उनके लिए निगम ने अब 8 चार पहिया वाहन 50 हजार किराया में दिया है.

इस मामले में नगर निगम कमिश्नर शिव अनंत तायल ने कहा कि ये गाड़ी जोन हेल्थ ऑफिसरों को सफाई एवं स्वच्छता के निरीक्षण के लिए दी गई है ताकी वो अपने टीम के साथ अपने कार्यों को अंजाम दें..तो वहीं कहा कि अगर किसी एक को देते तो सवाल उठाया जाता तो समझ में आता यहां तो सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया गया है. उन्होंने फिजूलखर्ची की बात को नकारा.

सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने इसे फिजूलखर्ची बताते हुए कहा कि जोन हेल्थ ऑफिसरों का काम गली-मोहल्ले में होता है, तो कार किराया में उठाया कर क्यों दिया गया, जब निगम के पास अभी बजट का संकट है. महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि ये गाड़िया दो माह के ट्रायल पीरियड पर है, अगर जोन हेल्थ ऑफिसरों का काम सही नहीं हुआ तो वापस ले लिया जाएगा.

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