संविधान से ऊपर अन्य कोई नियम नहीं : पंचम दास

संविधान से ऊपर अन्य कोई नियम नहीं: पंचम दास

धमतरी । भारतीय दलित साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के तत्वावधान में संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर को कर्मचारी भवन धमतरी में राष्ट्रीय सम्यक प्रबोधन सम्मेलन हुआ।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि गोरखपुर उत्तर प्रदेश के संत प्रवर पंचम दास साहेब ने कहा कि देशवासियों को संविधान की जानकारी देना शासन की जवाबदेही है किन्तु दुनिया के सबसे बड़े लोकतांकि देश में बुद्धजीवी होने के नाते राष्ट्रहित में हमें भी यह जिम्मेदारी स्वत: अपने कंधों पर लेनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रो. हरवंशलाल मरावी(खण्डवा म.प्र.) ने कहा कि भारत का संविधान विश्व की सर्वोच्च व्यवस्था में एक है। संविधान से ऊपर अन्य कोई नियम नहीं होता।

डॉ. सतीश उईके (देवास म.प्र.) व प्रवीण बसंत पाडवी(नंदूरबार-महाराष्ट्री) विशिष्ट अतिथि द्वय ने कहा कि देशवासियों को शिक्षा अर्जन करने, मान सम्मान पाने, सम्पत्ति रखने, उचित प्रतिनिधित्व पाने, देश में सुरक्षित रहने तथा मनपसंद व्यवसाय अपनाने का अधिकार संविधान से ही प्राप्त होता है। कार्यक्रम को जगदीश राम धु्रव, प्रो. के मुरारीदास और सहदेव देशमुख ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संरक्षक सुशीला देवी वाल्मीकि और संचालन प्रांताध्यक्ष जीआर बंजारे (ज्वाला) ने किया।

कार्यक्रम की शुरूआत संविधान निर्माता भारत रत्न बोधीसत्व बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। धरम लहरे, दीपक कुमार साहू, घासीराम साहू, हाजीचांद मुबारक कुरैशी, रामनारायण प्रधान ने काव्य पाठ किया। समाज सेवी दिलीप कुमार देवांगन ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया। इस अवसर पर साहित्यिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक व सामाजिक क्षेत्र के 49 विशिष्ट प्रतिभाओं को अवार्ड-2017 की मानद् उपाधि का सर्वोच्च अलंकरण प्रदान किया गया। उसमें नारायण सिंह गोरा, डॉ. आरपी टंडन, कुंती कुंजाम व करूणा वैद्य को नीली पगड़ी, शॉल, मान-पत्र से विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम स्थल में राष्ट्रीय स्तर के सुप्रसिद्ध चित्रकार मनोहर दास धृतलहरे के 26 चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। कार्यक्रम का समापन बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर चौक में किया गया।

सम्मेलन में प्रेम सायमन, मदन लहरे, सुनील बंजारे, बद्रीप्रसाद गंगवीर, शकुन्तला साहू, संदीप राव जाधव, रविकांत गजेन्द्र, रमेश भालाधरे, मुकेश सोनी, आकाश गिरी गोस्वामी, डॉ. उमेश सिन्हा, ईश्वर चौरे, प्रो. मनहरण साहू, प्रो. भीमसिंग वलवी, डॉ. किरण नुरूटी सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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