पर्यटकों के लिए सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम नहीं, जिम्मेदार मौन

-सुरक्षा की अनदेखी, कभी भी हो सकता है हादसा

-जागेश्वर सिन्हा/बालोद।

जिला मुख्यालय बालोद से 19 किलोमीटर दूर सियादेवी मंदिर नारागांव के घने जंगल मे विराज मान है और यहां पर्यटकों को मोहित करने वाले एक सुंदर झरने व पत्थरों से निर्मित एक गुफा भी है जो पर्यटकों को पल भर में ही मोहित कर लेती है।

मगर सुरक्षा की दृष्टि से पर्यटकों के लिए यहां कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। आपको बता दें कि यहां के झरने में गिरने से कुछ साल पहले दो युवक की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी मंदिर समिति व पुलिस प्रशासन द्वारा पर्यटकों को आगाह करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

-सेल्फी लेने से नहीं करते परहेज

सियादेवी मन्दिर के नीचे में स्थित झरने के पास जाकर पर्यटक पत्थरों पर खड़ा होकर सेल्फी लेते हैं। ऐसे में पैर फिसलने,के साथ साथ पानी के अंदर जाने व पत्थरो में गिरने से चोट भी आ सकती है। तो वही युवक, युवती वर्ग जहां चाहे और जिस जगह चाहे वहां जाकर सेल्फी ले रहे । खास बात यह है कि जिस जगह हादसा हुआ वहां पर जाकर सेल्फी लेने से परहेज भी नहीं कर रहे है।

-जंगल में बसा है सियादेवी मंदिर

घनघोर जंगल में बसा सियोदेवी मंदिर, शक्ति सौंदर्य का अनोखा संगम अपने अप्रितम प्राकृतिक सौंदर्य से पर्यटकों का मन पल भर में मोह लेती है। जिले के प्राकृतिक जलप्रपात एवं गुफाओं के कारण नारागांव के यह देव स्थल आध्यात्म एवं पर्यटक स्थल के रूप में भी प्रसिद्घ है।

वनों से आच्छादित यह पहाड़ी स्थल प्राकृतिक जल स्त्रोतों के कारण और भी मनोहारी दिखाई पड़ता है। इस पहाड़ी पर दो जगहों से जलस्रोतों का उदगम आकर्षण का केंद्र है। जो देखते बनता है। जिसकी जलधारा मात्र 100 मीटर की दूर पर प्राकृतिक झरने में परिवर्तित हो जाती है। जिसे देखने प्रदेश के अन्य जिला व दूसरे राज्य के पर्यटक आते हैं।और पर्यटन का लुप्त उठाते हैं । ऐसे में इस जगह बड़ी हादसा हो जाने के बाद भी सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम न होना समक्ष से परे ।

-मंदिर और पर्यटन पहुंच मार्ग

बालोद धमतरी मुख्यमार्ग में ग्राम संकरा क से 7 किलोमीटर दूर ग्राम नारागांव के जंगल मे सियादेवी मन्दिर है। जहां पर्यटकों के लिए अनेक पर्यटन के स्थल है।जो पल भर में पर्ययको मोहित कर देती है। मोटरसाइकिल, कार बस से यहाँ आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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