नहीं थम रहा रुपए में गिरावट का सिलसिला, जल्द पार कर सकता है 75 का स्तर

आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ी मांग रुपए में गिरावट का कारण

नई दिल्ली। मंगलवार के कारोबार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 33 पैसे टूटकर 72.96 के स्तर पर पहुंच गया। लेकिन बाद में रुपया थोड़ा संभलता हुआ 72.78 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रहीं कच्चे तेल की कीमतों के चलते आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ी मांग के कारण रुपए पर असर दिखा है। जानकारी के लिए बता दें कि इसी हफ्ते रुपया 72.99 का स्तर छू चुका है।

जानकारों के मुताबिक स्थिति अभी भी चिंताजनक है। अगर सितंबर तिमाही की बात करें तो रुपया 73.67 से 74 की रेंज में कारोबार करता नजर आ सकता है। वहीं अगर साल 2018 की बात करें तो रुपया 75 का स्तर भी छू सकता है।

अगर तुरंत प्रभाव से कोई एक्शन लेना हो तो सरकार अपने विदेशी मुद्रा भंडार में जमा डॉलर की निकासी कर सकती है और रुपये की ढहती स्थिति को थोड़ा सहारा दे सकती है।

एनआरआई डिपॉजिट स्कीम कर सकती है शुरु

सरकार एनआरआई डिपॉजिट स्कीम शुरु कर सकती है, जिससे कि एनआरआई अपने पास जमा डॉलर को डिपॉजिट करना शुरू कर देंगे और भारत में डॉलर आ जाएगा। इससे भी रुपया सुधर सकता है।

सरकार इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ा सकती है। हमारे देश में गोल्ड, रिफाइनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स का ज्यादा आयात होता है।

सरकार निर्यात को बढ़ावा भी दे सकती है। निर्यात को बढ़ावा देने से देश में तेजी से डॉलर आएगा जो कि भारतीय रुपये को मजबूती दे सकता है।

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