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हमें यहां किसी ने बंधक नहीं बनाया है, हम अपनी इच्छा से आए: बागी विधायक

भोपाल: राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को दूसरी बार चिठ्ठी लिखकर सदन में बहुमत परीक्षण करने के निर्देश दिया है. वहीं विधानसभा में बहुमत परीक्षण ना होने के बाद बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से दाखिल की गई याचिका में मध्य प्रदेश में 24 घंटे में बहुमत साबित करने को कहा गया.

वहीँ आज कर्नाटक के बेंगलुरु में ठहरे मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के बागी विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं. हमें केंद्रीय सुरक्षा की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हमें यहां किसी ने बंधक नहीं बनाया है. हम अपनी इच्छा से आए हैं.

बेंगलुरु के रिजॉर्ट में पिछले कई दिनों से रुके बागी विधायकों का कहना है कि अभी उन्होंने बीजेपी में जाने पर फैसला नहीं लिया है, वे इस पर विचार करने के बाद फैसला लेंगे. इन सभी विधायकों ने राज्यपाल लालजी टंडन को अपना इस्तीफा भेजा है, लेकिन इनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है.

विधायकों ने दावा किया है कि हमारे साथ अभी 20 और विधायक आएंगे, क्योंकि जो कांग्रेस सरकार के साथ विधायक है वो भी हमारे साथ आएंगे. इनका कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमे 5 मिनट भी धैर्य से नहीं सुना.

हमारे विधानसभा क्षेत्र में एक रुपए का भी काम नहीं हुआ. सारे काम छिंदवाड़ा में हुए. इसलिए हम सब ने विधायक पद से इस्तीफे दिया हैं. ऐसे में इस बात पर सस्पेंस बना हुआ है कि सदन में बहुमत परीक्षण के दौरान इन विधायकों का क्या रुख रहता है.

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